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आचार संहिता का उल्लंघन: शहर के मुख्य मार्गों से भी नहीं हटे होर्डिंग्स

7 वर्ष पहले
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हिसार। विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने के लिए चुनाव आयाेग सख्त है। बावजूद इसके प्रशासन शहरभर में लगे राजनीतिक दलों के पोस्टर, बैनर व होर्डिग्स उतरवाने में पहले दिन ही चूक गया। यूं तो नगर निगम को प्रचार सामग्री उतरवानी थी। पुलिस को भी निगरानी रखनी थी और प्रशासनिक अधिकारियों को भी निगाह रखनी थी। निगम का अभियान तो पहले से ही चल रहा था।
शनिवार को भी प्रचार सामग्री उतरवाने के लिए कई जगह टीम दौड़ी। बावजूद इसके राजकीय महाविद्यालय के सामने हजकां के पोस्टर सड़क के किनारे कई मीटर तक लगे दिखे। आजाद नगर में तो कई खंबों पर यह आलम देखने को मिला। यही हाल बीजेपी का रहा। चूंकि पुराने पोस्टर कई इमारतों पर राजगढ़ रोड पर लगे दिखे तो पोस्टर होर्डिंग्स भी टंगे रहे। इनेलो और हलोपा की प्रचार सामग्री भी खूब दिखी।
मुकदमे से लेकर जुर्माने तक का प्रवधान

जानकार कहते हैं कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर केस लगने के अलावा जिला प्रशासन कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कर सकता है। हालांकि जिस तरीके से शनिवार को प्रचार सामग्री शहरभर में लग रही, उसमें प्रशासन चाहे तो कार्रवाई सकता है।
दीवारें तक प्रचार में पुती

आचार संहिता का मखौल कैसे उड़ाया जाता है, यह राजनीतिक दलों ने जता दिया। शहरभर में पार्टियों, प्रत्याशियों और पदाधिकारियों के होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर लगने के अलावा तमाम स्थानों पर हाथों से लिखी प्रचार सामग्री दीवारों पर पुती पड़ी हैं। इसमें छात्र संगठनों के अलावा राजनीतिक दलों के प्रचार वाले संकेत भी हैं। जोकि ओवर ब्रिज, सरकारी इमारतों पर लिखे हुए हैं। वहीं, स्टीकर, पोस्टर, झंडियों लगी गाड़ियां भी दिनभर गुजरी। पुलिस ने यह कोशिश नहीं कि इनके पास अनुमति थी कि नहीं।
15 को बुलाई बैठक
विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्षता से कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी डा.एमएल कौशिक ने सभी विभागों के विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्षों की बैठक 15 सितंबर को सुबह 10 बजे लघुसचिवालय के बैठक कक्ष में बुलाई है। इस बैठक में हॉर्डिंग्ज/पोस्टर हटवाने सम्बन्धी प्रमाण पत्र व संबंधित विभाग में जारी कार्यो की सूची, आदर्श आचार संहिता से पहले जारी न होने वाले कार्यों का ब्योरा अपने साथ लाएंगे।
^आचार संहिता लागू होते ही शहर से प्रचार सामग्री उतरवाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिए गए हैं। हमारी कोशिश है कि आचार संहिता का पालन कड़ाई से हो सके।''
डाॅ. एमएल कौशिक, जिला निर्वाचन अधिकारी।
आचार संहिता लगने के बावजूद शहर में होर्डिंग लगी हैं। मजेदार बात यह है कि मेयर को होर्डिंग हटाने का जुम्मा है उनकी खुद शहर के मुख्य मार्गों पर होर्डिंग लगी हुई है। वैसे तो मुख्य मार्गों से अधिकतर होर्डिंग हटवा दीं गई हैं पर अभी भी शहर के अंदर कई जगहों से होर्डिंगों को हटाया नहीं गया है।