हिसार. कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी ही सरकार से नाखुश हैं। कोई अफसरशाही से नाराज है तो कोई मान सम्मान न मिलने से खफा। इन कांग्रेसियों ने गुरुवार को कांग्रेस भवन में पार्टी बैठक में जिलाध्यक्ष जयप्रकाश के सामने गुस्सा जाहिर किया। इतना ही नहीं, जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य अभय सिंह सैनी और पूर्व पार्षद राज हसीना बैठक को बीच में छोड़कर ही चले गए।
हसीना यह कहते हुए बाहर निकली, जब हमारे कहने पर एक ट्रांसफर तक नहीं होता, कोई कुछ सुनता तक नहीं तो यहां बैठने का क्या फायदा। बाहर निकलने से पहले हसीना ने जयप्रकाश से बात भी करनी चाही, मगर हो नहीं पाई। उस वक्त पीडी चौधरी भाषण दे रहे थे। इसी तरह कष्ट निवारण समिति के सदस्य सैनी ने जब अपनी बात रखनी चाही तो उन्हें बोलने ही नहीं दिया गया। वह गुस्से में तमतमाते हुए बाहर निकले और समर्थकों के साथ कार में बैठ कर चले गए।
मीटिंग में दूसरों के कष्ट निवारण करने वाले खुद कष्ट में
प्रदेश सरकार ने सैनी को कष्ट निवारण समिति का सदस्य बनाया है, मगर वह अपने कष्ट के निवारण के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। अब उनका मामला जन परिवाद समिति में पहुंच चुका है। ढाणी बडवाली निवासी सैनी ने बताया कि महावीर कॉलोनी में उनका प्लाट है। उस गली में एक बिजली कर्मचारी रहते हैं, जिनके घर के आगे ट्रांसफार्मर लगा था। कर्मचारी ने अपने रसूख का इस्तेमाल करके मात्र 2802 रुपये जमा करा कर ट्रांसफार्मर को उसके प्लाट के आगे शिफ्ट करा दिया। अब वह ट्रांसफार्मर हटवाना चाहते हैं तो उससे 10 हजार रुपये शिफ्टिंग के मांग रहे हैं। सैनी का सवाल है कि एक ही काम के लिए निगम के दोहरे मापदंड कैसे हैं। वह बैठक में बात रखना चाहते थे, मगर उन्हें रखने नहीं दिया गया।
सीएम समारोह में शहरी अध्यक्ष से बदसलूकी
बैठक में कार्यकर्ता कैलाश जांगड़ा ने शहरी अध्यक्ष वेद रावल के साथ पुलिस कर्मचारी की बदसलूकी का मामला उठाया। स्टेडियम में जब मुख्यमंत्री हुड्डा विकास कार्यो के प्रोजेक्ट का शुभारंभ करने पहुंचे तो स्टेज से रावल को उतार दिया गया। पूर्व मंत्री जेपी बोले, मुझे उसी वक्तक्यों नहीं बताया। कार्रवाई कराता। वे पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष और मुख्यमंत्री से बात करेंगे। अफसरशाही से परेशान कार्यकर्ताओं के लिए कहा, अगर किसी से नाइंसाफी होती है तो अधिकारी का नाम लिखकर दें।
सबको नौकरी तो विष्णु भी नहीं दे सकते
बैठक में कार्यकर्ताओं ने सरकारी नौकरी दिलाने का मुद्दा भी उठाया। जेपी ने साफ जवाब दिया। बोले, नौकरी ऐसी ही है, सौ प्रतिशत नौकरी तो विष्णु और महेश भी नहीं दे सकते। भारत में 45 प्रतिशत युवा है। थोड़ा संयम बरतो। बहकावे में मत आओ। रोहतक में भी नौकरी के लिए इसी तरह कुर्ते फाड़ते हुए मिल जाएंगे।
‘माइग्रेट बर्ड’ कांग्रेसी नहीं
कांग्रेस छोड़कर जाने वालों को मुख्यमंत्री ने ‘माइग्रेट बर्ड’ बताया था, मगर जिलाध्यक्ष जयप्रकाश का कहना है कि कांग्रेस छोड़ने वाले कांग्रेसी नहीं थे। बैठक में उन्होंने कहा, अत्तर सिंह सैनी कभी भी कांग्रेस में नहीं थे। उपचुनाव में कुलदीप की मदद की थी। रावल ने जोड़ा, हरि सिंह सैनी को कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य भी नहीं थे। युवा कांग्रेस के हिसार विस सीट के अध्यक्ष तरुण जैन समेत तीन युवा नेताओं के कांग्रेस छोड़ने पर जेपी का कहना था कि वे युवा कांग्रेस में थे। चुने हुए थे या नहीं, पता नहीं है।