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नुकसान: सब्जियों की कीमत में ठंड ने लगा दी आग

9 वर्ष पहले
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हिसार. मौसमी सब्जियों पर इस बार ठंड की मार ज्यादा पड़ी है। जनवरी में अचानक गिरे अधिक पाले के कारण नुकसान ज्यादा हुआ है। किसानों का कहना है कि उन्हें 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है जबकि बागवानी विभाग इसे 30 प्रतिशत तक बता रहा है।

टमाटर, बैंगन और आलू की फसल करीब करीब पूरी तरह खराब हो चुकी है। फूल गोभी और पत्ता गोभी का उत्पादन भी आधा रहने की उम्मीद है। आढ़ती हंसराज ने बताया कि पहले धुंध की वजह से रेट बढ़ रहे थे। अब हिसार और साथ लगते जिलों में फसलें खराब हो गई हैं।

इससे अचानक ही सब्जियों के रेट बढ़ गए हैं। किसानों का कहना है कि पछेती फसल में अधिक नुकसान हुआ है। मटर पर आ रहा फूल ठंड गल गया है। टमाटर का छोटे फल पौधे पर पाले से झुलस गए हंै। बैंगन में उत्पादन आधा रह गया है। आलू पर भी पाले मार दिख रही है।


अग्रोहा के किसान अजीत राठौर, राजेंद्र गोदारा, राजीव शर्मा आदि ने बताया कि ब्लॉक में 80 एकड़ आलू, बैंगन, गोभी व मटर की फसल जल कर नष्ट गई। इसका मुआवजा मिले।


एचएयू के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक, रात के तापमान में गिरावट के चलते सब्जियों व फलों के पौधों पर पाले का प्रकोप होने की संभावना है। हवा में नमी अधिक होने के कारण आलू व टमाटर में झुलसा रोग हो सकता है।

इस स्थिति में एचएयू की सिफारिश वाली दवाओं का छिड़काव करें। छोटे फलदार पौधों को भूसे या पराली से ढक दें। ऐसे मौसम में सब्जियों और फलों के पौधों में हल्की सिंचाई जरूर करें। रात के समय खेत में धुंआ करें। इससे खेत का तापमान बढ़ेगा और फसल सुरक्षित रहेगी।


नुकसान की रिपोर्ट मांगी
हिसार के जिला बागवानी अधिकारी डॉ. जोगेंद्र सिंह ने बताया कि हिसार जोन में करीब 20 हजार हेक्टेयर में सब्जियों की काश्त होती है। पारा गिरने से इसकी उपज पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इसके नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।