कांग्रेस में चुनावी फिक्सिंग हावी, मैं भी हुआ था शिकार: जयप्रकाश

8 वर्ष पहले
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हिसार। चुनावी फिक्सिंग को लेकर कांग्रेस में फिर स्वर उठने लगे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी प्रो. संपत सिंह से पहले पार्टी के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश फिक्सिंग का शिकार हो चुके हैं।पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश ने कहा,मैं खुद दो चुनाव में फिक्सिंग का भुगतभोगी हूं।

जयप्रकाश ने तीन साल पहले हिसार लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ा था। हिसार से तीन बार सांसद रह चुके जयप्रकाश को उस चुनाव में महज 1 लाख 49 हजार 777 वोट मिले थे। वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए थे। उन्हें कुछ हलकों में इतने कम वोट मिले थे, जिसे लेकर वह खुद हैरत में पड़ गए थे।उन्हें हिसार हलके में सिर्फ 7488 वोट मिले थे। चुनाव हारने के बाद जयप्रकाश ने कांग्रेस के कुछ नेताओं का नाम लिए बिना भीतरघात का आरोप लगाया था।

जयप्रकाश के बाद अब प्रो. संपत सिंह ने चुनाव में फिक्सिंग का आरोप लगाया है। हालांकि उन्होंने यह खुलासा नहीं किया है कि यह फिक्सिंग कांग्रेस के नेताओं ने दूसरे दलों से की है या फिर दूसरे दलों ने आपस में की। विधायक संपत का यह आरोप राजनीतिक गलियारों में शुक्रवार को चर्चा का विषय रहा। इसे लेकर जब पार्टी के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश से बात की गई तो उन्होंने कहा, हमें फिक्सिंग का तो पता नहीं है, लेकिन हम फिक्सिंग के शिकार हो चुके हैं। आदमपुर विधानसभा चुनाव और हिसार उपचुनाव में फिक्सिंग की वजह से हार मिली थी।जेपी ने कहा कि इस चुनाव में फिक्सिंग के बारे में उन्हें ज्ञान नहीं है। अगर फिक्सिंग हुई है तो प्रोफेसर साहब को नाम बताने चाहिए। वैसे कुमारी सैलजा, चौधरी बीरेंद्र सिंह समेत सभी नेताओं ने चुनाव में सहयोग किया है। वह खुद भी हिसार में प्रचार करने आए थे।

ये कहा था प्रो. संपत ने

जातीय समीकरणों की वजह से चुनाव मुद्दा विहीन हुआ। हरियाणा का पता नहीं, मगर हिसार के बारे में कह सकता हूं कि जातपात की राजनीति और फिक्सिंग की वजह से उनका चुनाव हाईजैक हुआ है।

अब ये बोले जयप्रकाश

फिक्सिंग का पता नहीं, मगर हम पर फिक्सिंग बीती थी। मैं खुद दो चुनाव में फिक्सिंग का भुगतभोगी हूं।पहले आदमपुर के विधानसभा चुनाव में और फिर हिसार उपचुनाव में फिक्सिंग के कारण हारा।

संपत सिंह बोले : नीति नहीं छोडूंगा, भले राजनीति छोड़ दूं

नलवा से विधायक एवं कांग्रेस प्रत्याशी संपत सिंह ने शुक्रवार को दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, मैंने विकास, ईमानदारी और सच्चाई को लेकर चुनाव लड़ा था। मगर दो राजघरानों ने जातीय आधार पर समाज को बांटा। चुनाव में मुद्दे उठते तो अफसोस नहीं, खुशी होती। इन घरानों ने मुद्दे छोड़कर जनता का भावनात्मक शोषण किया। मेरी आवाज जनसाधारण की आवाज बनकर रह गई। इस चुनाव में जनता के पास भ्रष्टाचार, बेईमानी और अपराध को खत्म करने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मेरा 37 साल का संघर्ष चल रहा है, जो जारी रहेगा। नीति नहीं छोडूंगा, भले ही समय आने पर राजनीति छोड़ दूंगा। अब अपनी ताकत को फिर से इकट्ठा करेंगे और जातपात के जहर को खत्म करके दम लेंगे।

गंगवा बोले - कुलदीप बिश्नोई पर दर्ज हो केस

पोलिंग के दौरान इनेलो कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने का आरोप

हिसार। आजाद नगर क्षेत्र के पटवारखाना में बनाए पोलिंग केंद्र पर गुरुवार को संसदीय चुनाव में इनेलो और हजकां कार्यकर्ताओं में हुई झड़प के मामले में इनेलो के राज्यसभा सदस्य रणबीर गंगवा शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से मिले।उन्होंने आरोप लगाया कि हजकां के प्रत्याशी कुलदीप बिश्नोई ने पोलिंग के दौरान इनेलो के कार्यकर्ता को थप्पड़ मारकर अपराध किया है।चुनाव में शांति भंग की इसलिए उन पर जल्द से जल्द केस दर्ज होना चाहिए। इसी मामले में रणबीर गंगवा ने अपने कार्यालय में पत्रकारों के साथ बातचीत भी की।

गंगवा ने कुलदीप बिश्नोई पर कृष्ण गोदारा को थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुलदीप ने यह नाटक कर बूथ पर कैप्चरिंग का प्रयास किया था। इनेलो कार्यकर्ता जागरूक थे। उन्होंने कुलदीप की साजिश सफल नहीं होने दी। उनके कार्यकर्ताओं ने इनेलो कार्यकर्ताओं पर हमला भी किया जिसमें इनेलो समर्थक दीपक बामल भी घायल हो गया।