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केंद्र और राज्य सरकार की लड़ाई में अटके ओलावृष्टि प्रभावित किसानों के 68 करोड़

7 वर्ष पहले
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हिसार। केंद्र और राज्य सरकार की लड़ाई में ओलावृष्टि से प्रभावित हुई फसलों को मिलने वाला करीब 68 करोड़ का मुआवजा किसानों को नहीं मिल सका। जबकि किसानों को चुनाव से पूर्व ही मुआवजा मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। जबकि अब हजारों किसान असमंजस में हैं कि उन्हें अभी ओलावृष्टि का मुआवजा नहीं मिला तो केंद्र और राज्य सरकार सूखा राहत कैसे दिला पाएंगी।
जिस वक्त खेतों में सरसों की फसल पकी खड़ी थी और गेहूं की फसल से खेत लहलहा रहे थे, उसी वक्त जिले में ओलावृष्टि हुई थी। ओलावृष्टि से उस वक्त अग्रोहा ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक नुकसान हुआ था। इनके अलावा आदमपुर, बरवाला, हिसार ब्लॉक के अलावा मीरपुर, नंगथला आदि ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई थीं। इन क्षेत्रों के किसान बताते हैं कि प्रशासन ने इन क्षेत्रों में नुकसान का आंकलन किया था।

प्रशासनिक सूत्र कहते हैं कि करीब 82.50 हजार एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसलें प्रभावित होने की रिपोर्ट पटवारियों ने प्रशासन को सौंपी थी। अग्रोहा क्षेत्र के किसान सुशील कुमार, नंदलाल, बनवारीलाल आदि कहते हैं कि हम जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक मुआवजा पाने के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन करीब छह माह बाद अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका।
अभी मुआवजा देने पर सहमति नहीं बनी है : डीसी

ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में किसानों को हुए नुकसान का आंकलन हमने कराया था। किसानों को नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए हमने 68 करोड़ रुपये की मांग की थी। किसानों को मुआवजा देने के लिए बजट भी जारी हुआ है, लेकिन अभी तक राज्य और केंद्र सरकार में प्रति एकड़ किसानों को क्या मुआवजा दिया जाए, इस पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसलिए मुआवजा देने में देरी हुई थी।''
डाॅ. एमएल कौशिक, जिला उपायुक्त
किसान परेशान
82.50
हजार एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसलें प्रभावित होने की रिपोर्ट पटवारियों ने प्रशासन को दी थी। किसानों को बर्बाद फसलों का मुआवजा मिलने का इंतजार नहीं हुआ खत्म