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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. रोहतक संसदीय क्षेत्र में झज्जर जिले के बेरी सहित कई इलाकों में किसानों को सरकार ने फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 1, 2 और 3 रुपए के चेक दिए हैं। इन किसानों की फसलें पिछले साल भारी बारिश के कारण बर्बाद हो गई थीं। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने सरकार के इस कदम को किसानों के साथ भद्दा मजाक और उनके जख्मों पर नमक छिड़कने वाला बताया है।
चौटाला ने मंगलवार को यहां मीडिया से बातचीत में चेक दिखाते हुए कहा कि इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के अन्य किसानों को हुड्डा सरकार कैसा मुआवजा देगी।
पार्टी प्रधान अशोक अरोड़ा ने कहा कि सरकार केवल झूठी घोषणाएं करके किसानों का हमदर्द होने का ढोंग कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 5500 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा मिलता है, परंतु जिस तरह से किसानों को 1, 2 और 3 रुपए के चैक दिए गए हैं, उससे लगता है कि सरकार ने 1 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया है। जबकि 35000 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाना चाहिए।
किसानों को जेल में डलवा रही है सरकार:इनेलो नेताओं ने आरोप लगाया कि हुड्डा सरकार फसल के लिए कर्ज लेने वाले किसानों को जेल में डलवा रही है।राज्य में 25 हजार से ज्यादा किसानों को डिफाल्टर घोषित करके 11 हजार से ज्यादा किसानों की जमीन नीलाम करने की तैयारी कर ली गई।कर्जा लेने वाले किसानों की जमीन और ट्रैक्टर गिरवी रखने के बावजूद उनसे हस्ताक्षरित चैक लिए जा रहे हैं।
बाद में इन चैकों को बाउंस करवाकर कोर्ट से उन्हें सजा करवाई जा रही है। अंबाला जिले के धुराला गांव के किसान बलवीर सिंह को हाल ही एक साल कैद और जुर्माने की सजा हुई है।जबकि इसी गांव के 14 किसानों पर केस चल रहे हैं। इस बारे में मुख्यमंत्री हुड्डा का कहना है कि उन्होंने यह तो कहा था कि किसानों को जेल में नहीं डालेंगे, लेकिन यह तो नहीं कहा था कि कर्ज लेकर उसे चुकाएं ही नहीं।
पिछली सरकार में तो डिफाल्टर किसानों को सीधे ही गिरफ्फ्तार करके जेल भेज दिया जाता था और उनके खाने का पैसा भी उन्हीं के खाते में जोड़ा जाता था।
यमुना बाढ़ पीडि़तों को मुआवजा देने की मांग: इनेलो नेताओं ने यमुना नगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत जिले के बाढ़ पीडि़त किसानों को डीएलसी दर से मुआवजा दिए जाने अथवा दूसरी जगह जमीन आवंटित करने की मांग की है।इन किसानों की जमीनें बाढ़ के कारण नदी में आ गई हैं।
चेक से महंगी फोटो कॉपी
इन नेताओं ने बताया कि उनकी मीटिंगों में आए किसानों ने जब यह चेक बताए तो उन्होंने उनसे इनकी फोटो कॉपी मांगी थी। इस पर किसानों ने यह कहते हुए असल चेक ही थमा दिए कि फोटो कॉपी महंगी पड़ेगी। किसानों ने कहा कि चेक की राशि का भुगतान लेने के लिए बैंक में खाता खुलवाने के लिए ही कम से कम 500 रुपए चाहिए।
इन्हें मिला कम मुआवजा
बेरी उपमंडल के गोच्छी, डीघल, पहाड़ीपुर के संदीप को 6 रुपए, टेकचन्द्र 2 रुपए, सत्यनारायण 2 रुपए , रीना 6 रुपए बिमला 9 रुपए, रणबीर 31 रुपए, सूबेदार कपूर सिंह 30 रुपए मिला है। किसान जगदेव सिंह ने बताया कि उसके चार एकड़ खराब हुए, लेकिन उन्हें कुल 800 रुपए मुआवजा मिला है। किसानों का कहना है कि सरकार यदि सरकार मुआवजा नहीं देती तो अच्छा था।
कम से कम आस तो नहीं होती। किसान महेंद्र सिंह ने बताया कि उसके दादा के 200 बीघा जमीन है। खेवट इकट्ठी है। हम बार-बार तहसील कार्यालय मेें संपर्क करते रहे कि मुआवजा कब आएगा, लेकिन बाद मे पता चला कि हमारा 78 हजार रुपए मुआवजा तहसील ने वापिस भेज दिया है। जसबीर पुत्र युद्धवीर ने बताया कि कुल 400 रुपए मुआवजा मिला है।
मुआवजे की पारदर्शी व्यवस्था: मुख्यमंत्री
पीडि़त किसानों को मुआवजा देने की इससे ज्यादा पारदर्शी और न्यायपूर्ण व्यवस्था क्या होगी? फसल खराबे के आधार पर जिस काश्तकार का जितनी हिस्सा राशि बनती थी, उतना उसे मुआवजा दिया गया है। अगर किसी का एक रुपए मुआवजा भी बना है तो सरकार ने उसे वह राशि दी है। किसान चाहें तो चैक सरेंडर करके नकद राशि प्राप्त कर सकते हैं।
- भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सीएम हरियाणा
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