हिसार। लगभग 25 सालों से सिविल अस्पताल व टीबी अस्पताल में मरीजों को द्वारका प्रसाद दुर्जनपुरिया और उनके साथी हर रोज खाना खिलाते हैं। सन 1989 से लेकर आज तक निरंतर खाना देने का सिलसिला चला आ रहा है। मरीज भी उनका इंतजार करते है।
मौसम चाहे कैसा भी हो द्वारका प्रसाद और उनके साथी मरीजों व उनके साथ आए परिवार वालों के लिए दिन में तीन आते हैं। सुबह चाय और ब्रेड लेकर, दोपहर में सब्जी रोटी व शाम के समय दूध, दाल, चावल और रोटी लेकर। एक दिन भी ऐसा नहीं हुआ जिस दिन वे खाना लेकर मरीजों के देने नहीं गए हो। इस काम में उनका सहयोग करते हैं बिजली विभाग के सेवानिवृत्त एसडीओ कैलाश चंद , सेवानिवृत्त इलेक्ट्रिकल इंजीनियर आरएस कटारिया, हिसार के सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी वेद प्रकाश बेनीवाल और भगत ओम प्रकाश।
जैन गली में रहने वाले द्वारका प्रसाद की पुरानी मंडी में उनकी एक दुकान जो अब उनके बेटे संभाल रहे है। परिवार ने इनका हमेशा साथ दिया है आज भी जब वह अस्पताल में खाना देने आते है। इस पुण्य के काम में उनके परिवार वाले भी सहयोग करते है। वह जीएसडी स्कूल के 1978 से आज तक लगातार जरनल सेक्रेटरी बनते आ रहे है। उनके अधीन पांच स्कूल आते है।
स्वामी गणेशन गिरि से मिली प्रेरणा
द्वारका प्रसाद ने बताया कि उन्हें समाज सेवा करने की प्रेरणा स्वामी गणेशन गिरी महाराज से मिली। ऐसा करने से उनके मन को शांति मिलती है। जब 1989 में समाज सेवा करनी आरंभ की थी तो उस समय अकेला था। आज कैलाश चंद (सेवानिवृत्त एसडीओ बिजली विभाग), आरएस कटारिया वेद प्रकाश बेनीवाल व भगत ओम प्रकाश भी सहयोग कर रहे हैं।
(फोटो - सिविल अस्पताल में मरीजों को निशुल्क भोजन वितरित करते हुए द्वारका प्रसाद दुर्जनपुरिया साथ है वेद प्रकाश बेनीवाल, आरएस कटारिया।)