पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Hindi Mahasabha Khapon Engaged In Mobilizing Support

हिंदू महासभा अब अपने मुद्दे में खापों का समर्थन जुटाने में लगी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हिसार। शिक्षण संस्थानों में लड़कियों के जींस-टॉप पहनने और मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हिंदू महासभा ने अब खापों का समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। महासभा ने गुरुवार को दावा किया कि सातबास से देपल गांव के पूर्व सरपंच गुगन राम मलिक, मलिक समाज से सातबास के प्रमुख जंग बहादुर देपल व अमर लाल मलिक और रोहतक पीजीआई के वरिष्ठ रिटायर्ड निरीक्षक एमएस यादव ने उनकी मुहिम का समर्थन किया है।
महासभा के प्रदेश प्रवक्ता ललित भारद्वाज ने कहा कि हमारी मानसिकता अभी इतनी विकसित नहीं हुई कि लड़कियों व लड़कों को इतनी खुली छूट दे दें। किसी भी इतिहास में यह नहीं लिखा हुआ कि लड़कियां मुंह पर कपड़ा बांधकर स्कूटर और मोटरसाइकिल की सवारी करें। हम लड़कियों को अच्छी शिक्षा देने के लिए अभिभावकों से अपील करते हैं तो कुछ लोगों को परेशानी होती हैं। इससे हमें कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन हिंदू संस्कृति खतरे में पड़ रहीं हैं।
भारद्वाज ने कहा कि उनकी मुहिम को प्रदेश भर से भारी समर्थन मिल रहा है।
अगर हिंदू महासभा की मुहिम सफल हुई तो रेप व छेड़छाड़ की घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने छात्र व छात्राओं के अभिभावकों से आग्रह किया है कि इस मिशन को सफल बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा की हिंदू संस्कृति को बचाना हैं तो हिंदू संस्कृति के पहनावे पहनने होंगे।
कपड़ों से नहीं, नजरिया बदलने से रुकेंगे अपराध : वेद कौर

जाट कॉलेज से रिटायर्ड प्रोफेसर एवं महिला नेता डॉ. वेद कौर पूनिया ने कहा है कि लड़कियों के जींस पहनने और मोबाइल फाेन रखने पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ केस दर्ज होने चाहिए। ये लोग हिंदुत्व का नाम लेकर समाज को दूषित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें ऐसे फरमान जारी करने का अधिकार किसने दिया है। इस देश में कोई भी व्यक्ति किसी की अभिव्यक्ति पर अंकुश नहीं लगा सकता।
पूनिया ने महासभा के नेताओं कहा कि वे अपना नजरिया बदले। फूहड़पन कपड़ों में नहीं, गंदगी देखने वालों की नजर में है। कपड़े बदलने से अपराध नहीं रुकेंगे, नजरिया बदलने से रुकेंगे। हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता ललित भारद्वाज के साथ बैठे सातबास के बुद्धिजीवी व रोहतक पीजीआई के रिटायर्ड निरीक्षक एम एस यादव।