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हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन के लिए कमर कस चुकी हैं खाप पंचायतें

9 वर्ष पहले
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हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन व ऑनर किलिंग के मुद्दे पर खाप प्रतिनिधि 14 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। खाप प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए मसौदे को शुक्रवार को अंतिम रूप दे दिया। सुप्रीम कोर्ट में करीब 25 पन्नों की रिपोर्ट भी दाखिल की जाएगी।


सुप्रीम कोर्ट में खापों की ओर से 17 सदस्यों की टीम पेश होगी, इनमें से जिन लोगों को अदालत में जाने दिया जाएगा, वे ही अपनी बात रखेंगे। इसके लिए धनखड़ खाप के प्रधान डॉ. ओमप्रकाश धनखड़, गठवाला खाप के प्रधान बलजीत सिंह मलिक, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कमांडेंट हवा सिंह सांगवान व एक महिला प्रतिनिधि का कोर ग्रुप गठित किया गया है।


महिला प्रतिनिधियों में सर्वखाप की महिला शाखा की प्रभारी विनोद बाला या सुनीता दहिया शामिल रहेंगी। महम चौबीसी के प्रतिनिधि को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। खाप पंचायतें लंबे समय से हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की मांग कर रही हैं।

डॉ. ओमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-3 की उप धारा-6 की उप धारा एक से चार में कानून लिखा गया है। खाप इनमें उप धारा 5,6 व 7 जोडऩे की की मांग करेंगी। इसमें साथ लगते गांव, मां व पिता के गौत्र में शादी, दूध व खून के रिश्ते में शादी नहीं होने देने की मांग की जाएगी।

खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि इस फार्मूले को लागू कर दिया जाता है तो सम्मान के लिए होने वाली हत्याओं में 90 प्रतिशत तक कमी आ जाएगी।

दो अलग-अलग गुट रखेंगे पक्ष
सुप्रीम कोर्ट में खापों का पक्ष दो अलग-अलग गुट रखेंगे। जहां कुछ खाप प्रतिनिधियों ने रोहतक में बैठक कर रणनीति बनाई है, वहीं नरवाना में भी इसी प्रकार की बैठक की गई। धनखड़ खाप के प्रधान डॉ. ओमप्रकाश धनखड़ के अनुसार उन्हें नरवाना की बैठक की जानकारी नहीं है।

वहीं, सर्व खाप पंचायत के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने बताया कि वे और बिनैन खाप के अध्यक्ष नफेसिंह नैन सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेंगे। इसके लिए मसौदा तैयार किया जा रहा है।