पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंहिसार. सीएम हुड्डा पर जो नेता विकास में भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं उनकी छवि जनता के सामने धूमिल हो चुकी है। प्रदेश में कहीं भी विकास में भेदभाव नहीं है, बस कुछ लोग अपनी फेस वेल्यू चमका रहे हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष व पूर्व मंत्री जयप्रकाश उर्फ जेपी ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में बोलना शुरू किया तो इरादे साफ थे।
केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के तल्ख तेवरों से सीएम का बचाव। जयप्रकाश खुलकर बोले, राहुल की मीटिंग का बहाना लिया और पार्टी तक छोड़ने की नसीहत भी दे दी। सैलजा पर निशाना साधते हुए जेपी बोले कि अगर सही में प्रदेश के विकास में भेदभाव हो रहा है तो ऐसे नेता 8 मई को राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में कोई क्यों नहीं बोले। (हालांकि राहुल की बैठक में सैलजा द्वारा विकास में भेदभाव का मामला उठाने की खबरें चली थी। )
पीछे तक पहुंचा था माइक
जयप्रकाश ने कहा कि राहुल के साथ बैठक में हर बड़े व छोटे नेताओं को बोलने का मौका दिया गया था। केंद्रीय मंत्री तो वहां चुप्पी साधे रही। अगर विकास में भेदभाव होता तो वे राहुल के सामने जरूर बात रखती। जेपी ने कहा कि ऐसी बातें करने वाले नेताओं ने अक्ल लड़ाई। विकास में भेदभाव की बात करते तो सारे आंकड़े वहां मौजूद थे, अपने आप ही पोल खुल जाती। विकास में भेदभाव करने वाले नेता आम जनता को मुद्दों से भटका कर केवल अपनी फेस वेल्यू चमका रहे हैं। जेपी ने बताया कि राहुल के सामने सीएम व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक लीड नहीं की बल्कि माइक पीछे बैठे नेताओं तक पहुंचा था।
वे नहीं असली कांग्रेसी
जेपी ने कहा कि जो लोग कांग्रेस में रहकर ही पार्टी के कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं असल में वे कांग्रेसी नहीं है। उन्हें पार्टी छोड़ देनी चाहिए। विपक्षी पार्टी के नेता भी उनसे श्वेत पत्र जारी करने की बात का मुद्दा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेता अपने कार्यकाल के समय का हिसाब किताब निकाल ले और फिर कांग्रेस कार्यकाल से विकास के कार्यो की तुलना कर लें उन्हें अपने सवाल का जवाब अपने आप मिल जाएगा।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.