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सिटी बसों की संख्या दो से बढ़कर चार हुई, अभी छह की कमी

7 वर्ष पहले
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हिसार। दो दिन पहले शहर की सड़कों पर दो सिटी बसें चल रही थी। भास्कर द्वारा सिटी बसें न चलने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं जाने के कारण नतीजा यह निकला की शनिवार को दो सिटी बसें बस अड्डे से लेकर जिंदल अस्पताल तक चलती दिखाई दी। दस में से चार सिटी बसें शहर की सड़कों पर चलने लगी है। छह बसें अभी शहर की सड़कों पर चलने बाकी है। मौजूदा समय में यह छह बसें आसपास के गांवों में चल रही है। रोडवेज प्रबंधन का कहना है कि डिपो में बसों की संख्या बहुत कम है, जिसके चलते सिटी बसों को गांवों में लगाया गया है।
हिसार डिपो के ट्रैफिक इंचार्ज धर्मपाल बिश्नोई ने कहा कि बसों की संख्या कम होने के चलते अधिकतर गांवों में रोडवेज की बस बहुत कम चक्कर लगा रही थी। ग्रामीणों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सिटी बसों को आसपास के गांवों में चलाया गया।
अधिकारियों का बहाना
दूरी पूरी करना जरूरी

रोडवेज के आला अधिकारियों का कहना है कि एक बस को रोजाना करीब साढ़े पांच सौ किलोमीटर की दूरी तय करने होते है। लेकिन शहर की सड़कों पर दौड़ने वाली एक बस यह किलोमीटर पूरा नहीं कर पाती। उन्होंने बताया कि किलोमीटर पूरा करने के लिए इन बसों को गांवों में भेजा जाता है।
गांव में थी डिमांड

रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि बेड़े में बसों की संख्या कम है। कई गांवों में रोडवेज बसें नहीं चल रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए सिटी बसों को आस पास के गांवों में चलाया गया। इसके अलावा शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले गांवों के बच्चे भी समय पर शिक्षण संस्थान पहुंचने लगे।
सिटी बसों की संख्या को बढ़ाने के लिए वे अाला अधिकारियों के इस बारे में अवगत करवाएंगे। बीते काफी समय में डिपो में बसों की कमी चल रही है। वे आला अधिकारियों काे इस बारे में अवगत करवाएंगे।''
जितेंद्र यादव, वर्कशॉप मैनेजर हिसार