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करौंथा में उजड़ा आशियाना, अब यहां पर मिल रही है इन्हें पनाह

8 वर्ष पहले
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बरवाला. करौंथा आश्रम से करीब चार दर्जन वाहनों में आए श्रद्धालुओं को सतलोक में पनाह मिलेगी। देर शाम उन्हें कड़ी पुलिस सुरक्षा में यहां लाने की प्रक्रिया आरंभ हुई। दो चरणों में ट्रस्ट अधिकारियों से प्रशासन की बातचीत के बाद समस्या का समाधान निकल पाया। जिसके बाद सतलोक आश्रम के संचालक करौंथा आश्रम को खाली करने पर राजी हो गए। देर रात तक चार रोडवेज बसों में श्रद्धालुओं को बरवाला लाया गया।

इससे पहले मंगलवार सुबह जब पदाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों में विभिन्न मांगों पर कोई नतीजा नहीं निकल पाया, तो ऐसा लग रहा था कि विवाद का हल हो पाना मुश्किल है। लेकिन शाम तक दूसरे चरण में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जेपी के साथ चली बातचीत के बाद मामला सिरे चढ़ गया।

पहले दौर की वार्ता रही थी विफल

बरवाला के किसान विश्राम गृह में मंगलवार सुबह प्रशासन की ओर से आईजी शत्रुजीत कपूर, एसपी बी सतीश बालन, एडीसी अशोक गर्ग, एसडीएम सुरेश चहल व सतलोक आश्रम की ओर संत रामपाल के भाई महेंद्र दास, बलजीत सिंह आदि के साथ चली पहले दौर की वार्ता विफल रही। आश्रम संचालकों की मांग थी कि आश्रम के भक्तों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं। आश्रम को सुरक्षा प्रदान की जाए। दोनों पक्षों में करीब एक घंटा तक चली बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला।

इस दौरान आश्रम संचालकों ने प्रशासन को करौंथा की 9 अप्रैल की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी दी। जब बात सिरे नहीं चढ़ी तो आश्रम संचालक वापस लौट गए। इसके बाद आईजी, एसपी, एडीसी व एसडीएम ने बंद कमरे में करीब तीन घंटे मंत्रणा की। करीब एक बजे अधिकारी वापस हिसार लौट गए।

कांग्रेस अध्यक्ष जेपी ने फिर आरंभ की बात

एकाएक अधिकारियों के साथ वार्तालाप विफल होने के बाद बरवाला पहुंचे पूर्व सांसद जय प्रकाश ने आश्रम संचालकों के साथ चंडीगढ़ मार्ग पर एक पुराने पेट्रोल पंप पर बातचीत की शुरुआत की। करीब दो घंटे तक चली मंत्रणा के बाद आश्रम संचालक करौंथा आश्रम को खाली करने पर राजी हो गए और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

..जब बसों पर पथराव को लेकर संशय बना

अभी करौंथा आश्रम से वाहनों को निकालने की प्रक्रिया शुरू ही हुई थी कि आश्रम संचालकों के पास सूचना आई कि करौंथा से निकली दो बसों पर गांव डीघल में पथराव हुआ है। इस सूचना के बाद एक बार फिर मामले में नया मोड़ आ गया। आश्रम संचालकों ने करौंथा आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं को फोन के माध्यम से कह दिया कि आश्रम से और वाहन न निकाले जाएं।

अचानक बनी स्थिति से प्रशासन व आश्रम संचालकों में मामला निपटने के लिए बने हालात एक बार फिर ठहर गए। लेकिन तमाम खराब हालातों से निपटते हुए जयप्रकाश ने बातचीत का दौर जारी रखा व प्रदेश में शांति व्यवस्था बनी रहे की बात कहकर दोबारा आश्रम खाली करवाने के लिए राजी कर लिया।

सीएम से रहा संपर्क

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश व आश्रम के पदाधिकारियों से बातचीत के दौर में जेपी ने करीबन 3-4 बार सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलावा आला पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की। इतना ही नहीं मंगलवार शाम करीब सवा छह बजे तक आश्रम की ट्रस्ट पदाधिकारी व जेपी पेट्रोल पंप पर ही बैठकर हालातों का जायजा लेते रहे। जयप्रकाश देर शाम तक बरवाला में ही रुके रहे।

पुलिस रही मुस्तैद

करौंथा मामले के मद्देनजर प्रशासन ने बरवाला के सतलोक आश्रम के नजदीक मंगलवार को भी काफी चौकसी रखी। वहीं हालातों को ध्यान में रखते हुए बरवाला पुलिस स्टेशन में पुलिस की करीब आधा दर्जन कंपनियों को तैनात किया गया। पुलिस कर्मचारी इस दौरान हर पल मुस्तैद रहे। इसके अलावा एहतियात के तौर पर आश्रम के बाहर भी पुलिस की दो पीसीआर तैनात रही।