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जींद में करियाणा व्यापारी को गोली मारी, बेखौफ बदमाशों का दुस्साहस

7 वर्ष पहले
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जींद। गांधी नगर स्थित करियाणा की दुकान में बैठे व्यापारी दर्शनलाल उर्फ पिंकी की बुधवार रात बदमाशों ने गोली मार दी। रात को जब घायल व्यापारी को अस्पताल ले जाया गया तो इलाज को लेकर व्यापारियों और डॉक्टरों में झड़प हो गई, इसके बाद खूब हंगामा हुआ। इसी बीच व्यापारी की मौत हो गई।
घटना के विरोध में गुरुवार को शहर के व्यापारियों ने बाजार बंद रख अस्पताल व सिटी थाने के बाहर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने डॉक्टराें पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाया। साथ ही हत्यारों को जल्द पकड़ने व डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई।

डॉक्टर बोले, एसपी को करो संस्पेंड
उधर, हंगामे से खफा डॉक्टर काम छोड़ अस्पताल में धरने पर बैठ गए। डाॅक्टरों ने घटना में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एसपी को सस्पेंड करने की मांग कर प्रशासन को शाम पांच बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। डाॅक्टरों की हड़ताल के कारण व्यापारी के शव का सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया। शव को पीजीआई रोहतक में रेफर किया गया है। एसपी अनिल धवन ने बताया कि हत्या का सुराग देने वाले को एक लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।
थाने के बाहर प्रदर्शन...
पिछले दो महीने में व्यापारियों पर हमले
1 नवंबर: हांसी के व्यापारी अनिल शर्मा पर गोली चलाई
2 नवंबर: करनाल में व्यापारी राजन कुमार की हत्या करके 10 लाख की मूर्ति लूटी।
3 नवंबर: गुड़गांव के प्रॉपर्टी डीलर एवं कपड़े के व्यापारी वीरेंद्र सिंह कुंडू की दिनदहाड़े हत्या
3 नवंबर: हिसार के कपड़ा व्यापारी सुभाष अग्रवाल को जान से मारने की धमकी मिली।
4 नवंबर: बेरी में ग्लास व्यापारी दिनेश पर गोलियां बरसाई
3 अक्टूबर : करनाल में कैरी बैग फैक्ट्री के संचालक व्यापारी राजन बजाज की हत्या।
11 सितंबर: करनाल में प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार की गोली मारकर हत्या।
सुरक्षा मिले : गर्ग
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने व्यापारियों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि व्यापारियों को सुरक्षा व सुरक्षित माहौल मुहैया करवाया जाए। सरकार तय करे कि जिस क्षेत्र में अपराध हो, उस क्षेत्र के पुलिस चौकी इंचार्ज की जवाबदेही फिक्स करके कार्रवाई होगी।
रोहतक में चिटफंड कारोबारी का खेत में मिला शव
शहर के सेक्टर तीन में चिटफंड का कारोबार करने वाले प्रॉपर्टी डीलर 45 वर्षीय साधुराम की गुरुवार सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव सनसिटी के नजदीक खुद के खेत में कमरे के बाहर मिला। मरने से पहले साधुराम ने अपने ड्राइवर संसार सिंह को फोन करके कहा कि मैं जिंदगी से तंग आ चुका हूं। घटनास्थल पर सल्फास की गोली मिली। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन में खुखरी धंसी मिलने से हत्या की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पुलिस ने विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा गया है और धारा 174 के तहत कार्रवाई की है।

अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि सेना से रिटायर्ड सेक्टर तीन निवासी ओमप्रकाश के तीन बेटे थे। बड़ा बेटा साधुराम काफी समय से प्रोपर्टी डीलिंग का कारोबार कर रहा था। उसके पिता का कहना है कि प्रोपर्टी के साथ चिटफंड का भी लेनदेन करता था। साधुराम के सनसिटी से आगे लाढ़ोत रोड की तरफ खुद के खेत हैं। सुबह वह स्कूटी लेकर घर से खेत के लिए चला गया। बताया जाता है कि करीब सात बजे उसने अपने ड्राइवर संसार सिंह, जिसे बेटे की तरह मानता था, फोन कर कहा कि मैं जिंदगी से तंग आ चुका हूं। खेत में हूं संभाल लेना। संसार तुरंत साधुराम की पत्नी को लेकर खेत में पहुंचा, जहां साधुराम का शव लहूलुहान हालत में पड़ा था।
नजदीक सल्फास की गोलियां व गर्दन में खुखरी धंसी मिली। मामले की सूचना अर्बन एस्टेट थाने में दी गई। पुलिस एफएसएल एक्सपर्ट डा. सरोज दहिया के साथ मौके पर पहुंची। गर्दन में खुखरी धंसी देखकर पुलिस को लगा कि किसी ने प्रोपर्टी डीलर की हत्या की है, लेकिन नजदीक सल्फास की गोलियां भी पड़ी मिली। गहन जांच के बाद भी पुलिस हत्या व आत्महत्या के बीच की गुत्थी को नहीं सुझा सकी और शव को पीजीआई ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया।

यकीन नहीं हो रहा मेरा दोस्त चला गया

पीजीआई डेड हाउस पहुंचे धीरज सिंह ने बताया कि उसका दोस्त साधुराम बेहद जिंदादिल इंसान था। वह भी काफी समय से प्रोपर्टी डीलिंग के कारोबार से जुड़ा है। कई बार साधुराम से सलाह मशविरा करता था। अगर कहीं विवाद की बात आती तो वे कहते थे कि प्रोपर्टी डीलिंग में छोटी-मोटी बातें चलती रहती हैं। मन-मुटाव को भूल कर आगे बढ़ना चाहिए। आज यकीन नहीं हो रहा कि वे उनके बीच नहीं हैं।

करोड़ों का कारोबार करता था साधुराम

डेड हाउस पहुंचे लोग आपस में बातचीत कर रहे थे कि साधुराम अपनी बात का पक्का था। किसी को पैसे देने के लिए समय दे दिया तो चूकता नहीं था। करोड़ों की कमेटियों का संचालन करता था। अब उसकी मौत कैसे हुई, यह समझ से बाहर है। अब सवाल उठता है कि वह किस बात को लेकर परेशान था। इस सवाल का जवाब न तो पुलिस के पास है और उसके पिता ने भी केवल इतने बयान दिए हैं कि उसका बेटा मानिसक तौर पर कई दिन से परेशान था। अब पुलिस केस की तह में जाकर गहराई से जांच पड़ताल करती है तो कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
^प्रोपर्टी डीलर साधुराम चिटफंड का कारोबार करता था। परिजनों के बयान व प्रांरभिक जांच में यह बात सामने आई है। फिलहाल मामला आत्महत्या का लग रहा है। बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा गया है। जो रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजेंद्र सिंह, थाना प्रभारी अर्बन एस्टेट।