हिसार. अदालत ने हत्या के जुर्म में गांव ढाणा खुर्द के अनिल को उम्रकैद और नौ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दो महीने अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। एडीजे चंद्रशेखर की अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। शुक्रवार को अदालत ने अनिल को दोषी करार दिया था। इस मामले में पहले पोखरी खेड़ी के विनोद को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार, ढाणी पीरान के सुनील का 28 अक्टूबर, 2007 को टवेरा गाड़ी सहित अपहरण कर लिया था। सुनील के पिता प्रताप सिंह ने 10 नवंबर 2007 को हांसी सदर थाना में केस दर्ज करा कर कहा था कि ढाणा खुर्द का अनिल नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके बेटे सुनील को घर से बुलाकर ले गया था।
सुनील अपनी टवेरा गाड़ी साथ ले गया था। मेरे बेटे को मारने की नीयत से उठाकर ले जाया गया। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर अनिल और पोखरी खेड़ी के विनोद को गिरफ्तार किया था। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने जींद के गांव हथो के पास झाडिय़ों से सुनील का शव बरामद किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि कार में कपड़े से गला घोंट कर सुनील की हत्या कर शव झाडिय़ों में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में भिवानी जिला के डांग निवासी बीर सिंह को गिरफ्तार किया। अदालत ने 31 जुलाई, 2011 को बीर सिंह को बरी करते हुए विनोद को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। जबकि अनिल को अदालत ने 26 जून, 2009 को भगोड़ा घोषित कर दिया।