हिसार. गणतंत्र दिवस समारोह में छात्रों ने 12वीं के एक छात्र को चाकुओं से गोद कर घायल कर दिया। महाबीर स्टेडियम में समारोह स्थल पर दो बार झगड़ा हुआ। झगड़ा शहर के एक निजी स्कूल के नौवीं के विद्यार्थियों के बीच हुआ था। यहां 12वीं कक्षा का रणदीप गणतंत्र दिवस समारोह देखने आया था। हमलावरों ने इस पर चाकू से दो वार किए।
रविवार को महाबीर स्टेडियम में 26 जनवरी पर समारोह के दौरान एक निजी स्कूल के नौंवी के विद्यार्थियों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों पक्षों के सदस्य मारपीट के बाद भाग गए। कुछ लड़के यहीं रुक गए। बाद में कैमरी रोड निवासी 12वीं कक्षा का छात्र रणदीप भी इनके साथ बैठ गया। कुछ देर बाद दूसरे पक्ष के करीब 15 लड़के फिर आए। उन्हें देख झगड़ा करने वाले भाग निकले।
रणदीप उनके हाथ आ गया। उसे पहले बुरी तरह पीटा, फिर उठाकर मधुबन पार्क ले गए। यहां उसे चाकू घोंप दिया। चाकू उसके पेट और कूल्हे पर मारा। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। कैमरी रोड निवासी अनिल गोदारा ने बताया कि उसके ममेरे भाई रणदीप को कुछ लड़कों ने चाकू घोंप कर जान से मारने का प्रयास किया है। वह महाबीर स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह देखने गया था। हमले में वह बुरी तरह घायल हो गया। डॉक्टरों ने उसका इलाज तक नहीं किया। पुलिस ने घायल रणदीप को सिविल अस्पताल तो पहुंचा दिया, मगर यहां उसे इलाज नहीं मिला। डॉक्टरों ने उसे इलाज देने के बजाय रेफर करने के लिए स्लिप बना दी।
दो निजी अस्पतालों में भी नहीं मिला इलाज
सिविल अस्पताल से परिवार उसे जिंदल रोड पर एक निजी अस्पताल में ले गया। यहां डॉक्टर ने भर्ती कर लिया। ग्लूकोज भी दिया। कुछ देर बाद पुलिस केस का मामला बताते हुए इलाज से इंकार कर दिया। बहाना सर्जन नहीं होने का बनाया। यहां से उसे दिल्ली रोड पर एक अन्य प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया।
यहां पेशेंट को अंदर ले जाने के बाद स्टाफ को पुलिस का मामला होने का पता लगा। इसके तुरंत बाद अस्पताल में सर्जन नहीं होने की बात कहते हुए इलाज से इंकार कर दिया। यहां से घायल को सपरा अस्पताल ले गए। यहां रणदीप का चार घंटे ऑपरेशन चला। डॉक्टर ने ऑपरेशन सफल होने की बात बतायी तो परिवार की जान में जान आई।