हिसार. प्रशासन ने जानबूझकर पुलिस के कुछ कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती करवाया है। उन्हें ऐसी चोटें नहीं आई की भर्ती किया जाए। यह केवल ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए किया गया है। यह कहना है नगर निगम वार्ड 11 के पार्षद राजपाल मांडू का।
अफवाह के बाद भगदड़
पार्षद का कहना है कि सातरोड आंदोलन के दौरान पथराव करने वाले पुलिस कर्मी ही थे जिनमें से तीन पुलिस कर्मियों पर सिविल अस्पताल में नर्स से छेड़छाड़ के आरोप भी लगे हैं। पुलिस कर्मियों ने ही ग्रामीणों के बीच यह अफवाह फैलाई की पार्षद राजपाल मांडू को गोली लग गई है जिससे अफरा-तफरी का माहौल बना।
उन्होंने कहा कि अफवाह के बाद भगदड़ के दौरान पुलिस कर्मियों ने निहत्थे महिलाओं, बच्चों, बूढ़ों के ऊपर निर्ममता से लाठियां बरसाई। ये पुलिस कर्मी जो कि घायल बताए जाते हैं। सिविल अस्पताल में दाखिल करवाए गए हकीकत में घायल थे ही नहीं। ये सब ग्रामीणों को परेशान करने और उनपर मुकदमे दर्ज करने के लिए दाखिल करवाए गए। जिससे प्रशासन का झूठ सामने आ गया है।