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नाबालिग का डेढ़ साल से यौन शोषण, पेटदर्द की जांच में डॉक्टर ने बताया

7 वर्ष पहले
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हिसार/हांसी। धार्मिक आयोजनों में काम दिलवाने के बहाने दो युवक एक किशोरी का डेढ़ साल तक यौन शोषण करते रहे। धार्मिक आयोजनोंं में काम करने वाले दोनों युवक खुद तो उसका शोषण करते ही उसे अन्य युवकों के पास भी भेजते। इसका पता शनिवार को तब चला जब वह पेटदर्द और चक्कर आने का इलाज कराने पहुंची। डॉक्टर ने चेक करने के बाद बताया कि वह छह महीने के गर्भ से है तो रोने लगी।
मां के तो होश ही उड़ गए। वह किशोरी को लेकर सीधे थाने पहुंची। पुलिस ने दोनों आरोपित युवकों को हिरासत में ले लिया। छानबीन में यह बात भी सामने आई कि इस साजिश में एक युवती भी शामिल है, जो आरोपित युवकों की मदद करती थी। किशोरी के बयान के मुताबिक वह करीब डेढ़ साल पहले जगरातों में काम करने वाले दो युवकों डीके दीवान व गोलू के संपर्क में आई। दोनों जगरातों के लिए झांकियां तैयार करते हैं और निकालते हैं। उसने दोनों से खुद को काम दिलाने की गुजारिश की। दोनों ने काम तोी दिलाया, पर बदले में उसका यौन शोषण करने लगे। दोनों युवक उत्तमनगर के रहने वाले हैं।
भविष्य को लेकर अनिश्चितता
लीगल एडवाइजर विनीता परोचा ने कहा कि पीड़ित युवती के भविष्य को लेकर पूरी तरह अनिश्चितता बनी है। नाबालिग और छह महीने की गर्भवती होने के कारण कानूनी तौर पर उसे गर्भपात की अनुमति नहीं मिल सकती। ऐसे मामलों में कई बार आरोपी से पीड़िता की शादी का रास्ता निकाला जाता है, लेकिन इस मामले में यह भी संभव नहीं, क्योंकि लड़की की उम्र अभी काफी कम है और आरोपियों की संख्या अधिक है।
डीएनए टेस्ट से तय होगा बच्चा किसका
एडवोकेट विनीता परोचा के मुताबिक किशोरी के गर्भस्थ शिशु के डीएनए टेस्ट से तय होगा कि बच्चा किस आरोपित का है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार अधर्मज बच्चे को भी पिता की संपत्ति में हिस्सा पाने का हक है। साथ ही उसके भरण पोषण की जिम्मेदारी भी उसपर वैसी ही होगी जैसी धर्मज संतानों की है। लेकिन दिक्कत यह है कि बलात्कार के आरोप में वह जेल में होगा ।