हिसार. सुनामी की लहरों में अपने माता-पिता को खोने वाली सात लड़कियों का जज्बा सुनामी की लहरों से भी ऊंचा है। पिछले साल विश्वविद्यालयीन महिला फुटबॉल चैंपियन रहने के बाद वे इस खिताब को बरकरार रखने के लिए मैदान में उतरी हैं। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के फुटबॉल मैदान में शुरू हो रहे मुकाबले में देशभर से बीस टीमें ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी वीमन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने पहुंचीं। इनमें एक टीम त्रिवेलूवर वेलोर (तमिलनाडु) की भी है जिसकी सात महिला खिलाड़ी सुनामी का कहर झेलकर बुलंद हौसले के साथ आगे बढ़ी और यहां तक पहुंचीं।
इनमें दो खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम की स्टार हैं और पांच खिलाड़ी जूनियर टीम में हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2004 में समंदर में उफनती लहरों ने इनके माता-पिता छीन लिए। युवतियों ने अपने कोच एस.मारीअपन के मार्गदर्शन में फुटबॉल में नई पहचान बनाई। कोच ने ही इन सबको फुटबॉल खेल का प्रशिक्षण दिया। अब वे इसी दम से लड़ने और खिताब पर एक बार फिर कब्जा जमाने हिसार आई हैं। त्रिवेलूवर वेलोर (तमिलनाडु) की टीम के 20 खिलाड़ियों में सात खिलाड़ी वी. विनिता, जी. मुथूलक्ष्मी, के.पी. महालक्ष्मी, के. सुमित्रा, एस. प्रदीप, के. राधिका, आर. प्रवीन ने सुनामी में अपने माता पिता को खो दिया था।
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