हांसी. सरकारी कर्मचारियों की 72 घंटे की हड़ताल। बिजली न आने से घरों में अंधेरा। पीने का पानी भी नसीब नहीं। लेकिन जनता हलकान हो तो हो। अफसर क्यों परेशान हों। उनके मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है, 'ऑल इज वेल'।विद्युत विभाग और एसडीएम कार्यालय से उच्चाधिकारियों को ऐसी ही रिपोर्ट भेजी जा रही है। सब कुछ नियंत्रण में बताया जा रहा है।
बिजली सप्लाई 70 फीसदी चुस्त दुरुस्त बताई जा रही है। यह बात अलग है कि दैनिक भास्कर ने पड़ताल में पाया कि क्षेत्र को सात फीसदी भी बिजली नहीं मिल रही। हांसी ही नहीं पूरे देहात में भी बिजली और पानी की सप्लाई बदहाल है। न तो पानी की सुचारु सप्लाई है और न बिजली आ रही है।
एसडीएम कार्यालय में तैनात आला अधिकारी, जन स्वास्थ्य विभाग और बिजली निगम के अधिकारी हड़ताल के प्रभाव को कम करने में दिलचस्पी लेने की जगह कागजों से खेल रहे हैं। रिपोर्ट भेजी जा रही है कि हड़ताल के बाद भी सबकुछ प्रशासन के नियंत्रण में है। हड़ताल से कुछ प्रभावित नहीं हुआ है।
दोपहर दो बजे तक जलघर पर जनरेटर ही ठीक हो रहा था। बिजली आ नहीं रही थी, यहां तैनात सुपरवाइजर फोन पर अपने उच्च अधिकारियों को बता रहे थे कि ब्रेक डाउन के कारण बिजली नहीं आ रही है। अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में पानी की पर्याप्त आपूर्ति और बिजली की 70 फीसदी आपूर्ति बताई गई। उस समय उप मंडल का सात फीसदी हिस्से में भी बिजली नहीं थी। तीन बजे मिलकपुर , मिनी सचिवालय, वॉटर वक्र्स और अस्पताल के फीडर चालू थे। शहर और देहात के करीब एक दर्जन फीडर की आपूर्ति ठप थी।
एसडीओ राजदीप सैनी ने फोन पर भास्कर को बताया कि 17 फीडरों से जुड़े 60 से 70 फीसदी हिस्से को बिजली मिल रही है। कंट्रोल रूम के अनुसार केवल 17 फीडर में से मिलकपुर, वॉटर वक्र्स और पॉवर ग्रिड के फीडर ही आपूर्ति दे रहे थे।