पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंहिसार. राहुल गांधी के हरियाणा दौरे के बाद लग रहा था कि प्रदेश कांग्रेस में एक दूसरे पर आरोप लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। शनिवार को प्रेस कान्फ्रेंस में पूर्व मंत्री व हिसार जिला कांग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश (जेपी) की टिप्पणी के बाद एक बार फिर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, रविवार को जेपी ने कहा कि उन्होंने सैलजा का नाम नहीं लिया था। उन्होंने सिर्फ विकास में भेदभाव का आरोप लगाने वालों के बारे में ही टिप्पणी की थी। उनका इशारा भी हजकां नेताओं की ओर था।
उधर सैलजा समर्थक और उकलाना के विधायक नरेश सेलवाल ने जेपी को अपने गिरेबां में झांकने व अपना इतिहास पलटने की नसीहत दे दी। सेलवाल ने दो टूक कहा कि सैलजा चार बार कांग्रेस की सांसद बन चुकी हैं और उनकी लोकप्रियता के आगे जेपी कहीं नहीं ठहरते।
मेरा इशारा विपक्ष की तरफ था। मैंने इतना कहा था कि जो लोग भेदभाव की चर्चा करते हैं वो राजनीतिक तौर पर कमजोर है। मैंने किसी भी नेता का नाम नहीं लिया था। कुमारी सैलजा का तो जिक्र ही नहीं आया था।
जयप्रकाश, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस
सवाल : तो फिर नसीहत किसे
जयप्रकाश ने किसे पार्टी छोड़ने की नसीहत दी। उनका इशारा अगर विपक्षी नेताओं पर था तो वह तो पहले ही पार्टी में नहीं हैं। सत्ताधारी दल और विपक्ष एक दूसरे पर निशाना तो साधते ही रहते हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं है।
सैलजा पर सवाल उठाने से पहले जेपी अपना इतिहास देखें कि वे किस पार्टी से आए हैं। सैलजा चार बार कांग्रेस की सांसद बन चुकी है और सरकार में केंद्रीय मंत्री पद संभाला है। सैलजा जनता के दिलों में है इसलिए उन्हें फेस वैल्यू बनाने की आवश्यकता नहीं है बल्कि अपनी जमानत जब्त करवा चुके जयप्रकाश को बेक्रिंग न्यूज में रहने के लिए ओछी बातें करते हैं। स्वच्छ छवि का व्यक्ति ही जनता के हितों से हो रहे भेदभाव, विकास में अनदेखी को खुली आवाज में कह सकता है। जी हजूरी करने वालों के बस की बात नहीं है।
नरेश सेलवाल, विधायक उकलाना।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.