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डाउनलोड करेंगोहाना. भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी जेल से रिहा होते ही शुक्रवार को गांव रूखी में पहुंचकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। सरकार पर किसानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने व उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जब तक सरकार गेहूं पर 300 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देने की घोषणा नहीं करेगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि अपने आपको किसानों का सबसे बड़ा हितैषी कहलाने वाले मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ओम प्रकाश चौटाला को भी पीछे छोड़ दिया है।
फिलहाल रोहतास शेखपुरा, सतपाल, महासिंह शेखपुरा, भाकियू की युवा विंग के प्रदेशाध्यक्ष राजेश कालीरामण, सुरेश रापड़िया समेत कुल 45 लोग धरने पर बैठे हैं।
अपराधी नहीं हैं किसान, सरकार जवाब दे
भाकियू नेता सरदार गुरनाम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनकारियों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है। 8 मई को जब गांव रूखी में किसान महापंचायत बुलाई गई थी तो वहां भी सरकार के इशारे पर पुलिस फोस तैनात कर दी गई जैसे किसान कोई बहुत बड़े अपराधी हों।
प्रशासन फिर हरकत में आया
चढूनी के भूख हड़ताल पर बैठने की सूचना मिलते ही प्रशासन को पसीना आ गया। एसडीएम विवेक चौधरी, डीएसपी यशपाल खटाना, बरोदा थाना प्रभारी कुलदीप देशवाल मौके पर पहुंचे व सड़क के किनारे खड़े हो गए। प्रशासन ने मौके पर दो एंबुलेंस व चिकित्सकों की व्यवस्था करने के अलावा पुलिस बल भी तैनात कर दिया। किसान नेता के पास आने वालों पर पुलिस पूरी नजर रख रही थी।
फोटो- रूखी गांव में भूख हड़ताल पर बैठे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी।
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