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डाउनलोड करेंहिसार. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राजनीति शास्त्र की प्रोफेसर डॉ. ज्योत्सना का हांसी के नेहरू कॉलेज में तबादला होने के बावजूद रिलीव नहीं किया गया है। इस मामले में हांसी कॉलेज के कुछ स्टूडेंट्स ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राजकीय कॉलेज के प्राचार्य, संबंधित प्रोफेसर, मुख्य सचिव उच्चतर शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री को 15 मई के लिए नोटिस जारी किया है।
राजकीय कॉलेज में राजनीति शास्त्र विषय में डॉ. ज्योत्सना एकमात्र पीएचडी डिग्री धारक हैं। उच्चतर शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार स्नातकोत्तर कक्षाओं को पीएचडी प्रोफेसर ही पढ़ा सकता है। विभाग ने करीब दस महीने पहले डॉ. ज्योत्सना का हांसी के नेहरू मेमोरियल कॉलेज में तबादला कर दिया।
उस समय राजकीय कॉलेज में डॉ. रवि शर्मा प्राचार्य थे। बाद में डॉ. रवि शर्मा की जगह पर डॉ. पदम शर्मा ने प्राचार्य का पदभार संभाला। डॉ. पदम शर्मा ने उच्चतर शिक्षा विभाग को पत्र लिखते हुए इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था कि प्रोफेसर को रिलीव किया जाए या नहीं। वहीं मार्च में कॉलेज के दीक्षांत समारोह में यह मामला शिक्षा मंत्री के समक्ष भी उठाया गया था।
हांसी में अभी तक पद खाली
अधिकारिक स्तर पर मामला फंसा होने के कारण हांसी में अभी तक राजनीति शास्त्र विषय के प्रोफेसर का पद खाली है। ऐसे में स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इस पर कुछ स्टूडेंट्स ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि शिक्षा मंत्री के कहने पर डॉ. ज्योत्सना नियमों के खिलाफ पढ़ा रही है। इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए 15 मई तक जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
डीजी को पत्र लिखा है
यह मामला डॉ. रवि शर्मा के समय का है। वैसे मैंने भी विभाग के डीजी को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग के जैसे आदेश होंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. पदम शर्मा, प्राचार्य, राजकीय कॉलेज हिसार।
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