हिसार। हरियाणा के चुनावी रण में इनेलो और भाजपा ने जिला हिसार की सभी सात सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। अब लोगों को कांग्रेस और हजकां के प्रत्याशियों का इंतजार है। इन दोनों प्रमुख दलों के अलावा हलोपा और बसपा के उम्मीदवार भी घोषित नहीं हुए हैं।
इनेलो और भाजपा ने अपनी पहली सूची में जिले की पांच सीटों से प्रत्याशियों का ऐलान किया था। इन दोनों दलों ने शनिवार को शेष दो सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का खुलासा कर दिया। इनेलो की सूची में चौंकाने वाला नाम पार्टी के जिलाध्यक्ष उमेद लोहान का रहा। बरवाला से टिकट कटने के बाद लोहान काफी हताश थे।
जिलाध्यक्ष पद तक छोड़ दिया था, मगर वरिष्ठ नेताओं के समझाने बुझाने पर वापसी कर गए थे। पार्टी ने अब लोहान को हांसी में भाजपा प्रत्याशी प्रो. छत्रपाल के मुकाबले में उतारा है। यह माना जा रहा था कि इनेलो हांसी से सैनी या वैश्य समुदाय के नेता को उतारेगी। पूर्व मंत्री अत्तर सिंह सैनी, पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, उद्योगपति अनिल मित्तल का नाम चर्चाओं में था, मगर इनेलो ने लोहान को टिकट थमा कर नया दांव खेला है।
दूसरी तरफ इनेलो ने हिसार से नगर निगम के डिप्टी मेयर भीम महाजन को मैदान में उतारा है। महाजन को टिकट मिलने की चर्चा पहले से ही थी। महाजन को टिकट देकर इनेलो ने हजकां के चुनावी समीकरण बिगाड़ दिए हैं। चूंकि हजकां हिसार से गौतम सरदाना को प्रत्याशी घोषित कर सकती है, ऐसे में इनेलो ने पंजाबी समुदाय से महाजन को टिकट देकर पंजाबी वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है।
हिसार से अब चुनावी तस्वीर लगभग साफ है। कांग्रेस एक बार फिर जिंदल हाउस पर विश्वास जताएगी, वहीं भाजपा ने वैश्य समाज से डॉ. कमल गुप्ता को पहले ही टिकट थमा रखी है। ऐसे में पंजाबी और वैश्य समाज से दो दो प्रत्याशी मैदान में होंगे। हिसार में तीसरे बाहुल्य सैनी समुदाय को शायद दूर से चुनावी तमाशा देखना पड़ेगा।
भाजपा ने शनिवार को दूसरी सूची में आदमपुर से कर्ण सिंह रानौलिया और उकलाना से सीमा गैबीपुर का नाम घोषित किया है। कुम्हार बिरादरी से संबंधित रानौलिया पार्टी के पुराने कार्यकर्ता है। उन्हें टिकट देकर भाजपा ने बरवाला और नलवा हलके में बाहुल्य कुम्हार समुदाय के वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। आरक्षित सीट उकलाना से भाजपा ने सीमा गैबीपुर को चुनाव मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में इनेलो प्रत्याशी रह चुकी हैं।
सैनी समुदाय को झटका
इनेलो और भाजपा की सूची से सैनी समुदाय को करारा झटका लगा है। जिले में हांसी, हिसार और बरवाला में सैनी समुदाय का खासा प्रभाव है। इन तीनों हलकों में इनेलो से तीन प्रमुख दावेदार थे। हिसार से प्रहलाद सिंह सैनी, बरवाला से पूर्व मंत्री हरिसिंह सैनी और हांसी से पूर्व मंत्री अत्तर सिंह सैनी टिकट की जुगत में थे। तीनों को निराशा हाथ लगी है। दूसरी तरफ भाजपा भी सैनी समुदाय को जिला हिसार में प्रतिनिधित्व नहीं दे पाई।
पार्टी के पास हिसार में रवि सैनी और हांसी में मामनराम सैनी सरीखे नाम थे, मगर वे उनके राजनीतिक समीकरण में फिट नहीं बैठ पाए। अब देखना यह है कि हजकां और कांग्रेस में कौन सैनी समुदाय को आगे करता है। इस समुदाय को कांग्रेस से टिकट की उम्मीद बहुत कम है। हजकां के पास रामनिवास राड़ा एक विकल्प जरूर है, जो हिसार और बरवाला दोनों पर नजर टिकाए हुए हैं।