भिवानी. पिछले चार दिन के अंतराल में रोडवेज के दो कंडक्टरों की पिटाई हो चुकी है। इनमें समानता यही है कि बवानी खेड़ा में कंडक्टर को पीटने वालों ने पिटाई के बाद विधायक बिशंभर वाल्मीकि जिंदाबाद के नारे लगाए तो शनिवार को रोहतक गेट पर पीटने वाले युवक ने भी कंडक्टर को विधायक बिशंभर की धौंस दिखाते हुए उसे सस्पेंड कराने की धमकी दी। दूसरी ओर विधायक बिशंभर वाल्मीकि का कहना है कि इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। हालांकि पुलिस ने एक मामले में छह युवकों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
पहला मामला कंडक्टर विक्रम ने बताया कि गुरुवार सुबह बवानी खेड़ा के बस स्टैंड पर करीब दो दर्जन युवकों ने उसकी पिटाई कर दी। उसका कसूर यह था कि उसने बुधवार शाम उन युवकों को युवतियों पर फब्तियां कसने से रोका था। पिटाई करने के बाद युवकों ने विधायक बिशंभर वाल्मीकि जिंदाबाद के नारे लगाते हुए कहा कि वे विधायक के आदमी हैं और वह उनका कुछ नहीं बिगड़वा सकता।
दूसरा मामला दूसरी घटना शनिवार शाम सिटी बस सेवा में हुई। रेलवे स्टेशन से इस बस में एक युवक जोगेंद्र सवार हुआ। उसने कंडक्टर काे स्टाफ का आदमी बताते हुए टिकट लेने से इंकार कर दिया। कंडक्टर बिजेंद्र ने रोका तो वह उससे ही उलझ गया। उसने कंडक्टर को धौंस दिखाते हुए कहा कि वह विधायक बिशंभर वाल्मीकि का आदमी है। बिजेंद्र के साथ मारपीट की और भागने लगा। अन्य लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे रविवार को अदालत में पेश किया, वहां से जेल भेज दिया गया।
इस बारे में बवानी खेड़ा के विधायक बिशंभर वाल्मीकि ने कहा कि वह बवानी खेड़ा में कंडक्टर की पिटाई करने वालों को नहीं जानता। इसलिए उस मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं। इसके अलावा एकबारगी तो विधायक बिशंभर वाल्मीकि ने खरक निवासी जोगेंद्र को भी पहचानने से इंकार कर दिया, जिसने शनिवार को कंडक्टर बिजेंद्र की पिटाई की थी। मगर, जब विधायक को याद दिलाया कि जोगेंद्र का पिता सुभाष कह रहा है कि वे विधायक के करीबी हैं तो विधायक ने भी स्वीकारते हुए कहा कि उसे शनिवार को इसकी जानकारी मिल गई थी। इसलिए उसने जोगेंद्र के पिता से मुलाकात कर कहा था कि अगर उसे इस तरह बदनाम कर सरकारी कर्मचारियों को पीटा जाने लगा तो लोगों में उसकी क्या छवि रह जाएगी। विधायक ने कहा कि वे इस तरह के अपराधी युवकों को सपोर्ट नहीं करेंगे।
कर्मचारियों ने दी आंदोलन की धमकी
हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपप्रधान अजय शर्मा ने कहा कि इस तरह जनप्रतिनिधियों का नाम लेकर अधिकारियों की शिकायत और कर्मचारियों की पिटाई सहन नहीं होगी। या तो पुलिस इन कंडक्टरों की पिटाई में अपना रुख स्पष्ट करे वरना उन्हें अपने स्तर पर आंदोलन करना होगा।