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यहां क्लास रूम में घूमते हैं लावारिस पशु, बच्चे को लगा रहता है डर

7 वर्ष पहले
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हिसार। शहर सांडों के आतंक से चिंतित है तो चंद किमी दूर सातरोड खुर्द पर संचालित एक स्कूल के बच्चे सांडों की दहशत के बीच पढ़ते हैं। इंटरवल होता है और स्कूल परिसर में भी सांडों की मौजूदगी में बच्चे रहते हैं। बच्चों के परिवार वाले चिंतित होकर स्कूल में चक्कर काटते हैं तो शिक्षिकाएं किसी अनहोनी को लेकर डरी रहती हैं। दरअसल, सातरोड खुर्द में संचालित राजकीय माध्यमिक कन्या विद्यालय में प्राइमरी और मिडल सेक्शन चलते हैं। मिडल सेक्शन में कुल 164 छात्राएं पढ़ती हैं।
जबकि प्राइमरी सेक्शन में कुल 200 बच्चे हैं। शिक्षिकाओं ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि स्कूल के बाहर विरोध के बावजूद हौद बना दी गई। यहीं लोग रोजाना पानी भर देते हैं और चारा डाल देते हैं। इसलिए यहां सांडों के अलावा लावारिस पशुओं का डेरा जमा रहता है। इस बारे में शिकायत भी की गई है।
छात्रा को मारी लावारिस पशुओं ने टक्कर, गंभीर

लावारिस पशुओं से होने वाले हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे। गुरुवार को शाम करीब छह बजे शोरूम से लौट रही सेंट मैरी स्कूल में आठवीं की छात्रा जेस्मिन(14) को लावारिस पशुओं ने टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मामला एसपी आवास के निकट रहने अनिल मेहता के घर का है। अनिल के पिता रामस्वरूप मेहता बताया कि अनिल का पीएलए कॉलोनी मार्केट में शोरूम है। जेस्मिन शाम को शोरूम से घर लौट रही थी। इसी दौरान लड़ते हुए लावारिस पशुओं ने जेस्मिन को चपेट में ले लिया।
मेरे पास तक अभी कोई शिकायत नहीं आई। हां, सातरोड खास और खुर्द में लावारिस पशुओं का आतंक है, यह बात मैं मानता हूं। यदि स्कूल में ऐसा हाल है तो मैं स्वयं जाकर देखूंगा। जो भी इंतजाम होंगे वह किए जाएंगे।''
राजपाल मांडू, पार्षद।
(फोटो- सातरोड स्थित स्कूल परिसर में बच्चे खेल रहे हैं, इसी दौरान एक सांड उनके पास में ही घूमता रहा।)