हिसार. सातरोड गांव में जलघर बनाने के खिलाफ आंदोलन हिंसक हो गया। पुलिस जवानों और ग्रामीणों में जमकर पथराव हुआ। पुलिस ने लाठियां भांजीं। आंसू गैस के गोले भी छोड़े। जलघर का शिलान्यास मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाथों मंगलवार को किया जाना था। प्रदर्शनकारी सीएम को काले झंडे दिखाने की तैयारी में थे। पुलिस ने जब लोगों को जिंदल ओवरब्रिज पर रोका तो हालात बेकाबू हो गए। दिल्ली रोड पर दोनों तरफ से करीब पौने घंटे तक पत्थर चले।
प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा पुलिस तृतीय वाहिनी की दो बसों में आग लगा दी। पुलिस के ६ वाहनों समेत करीब २५ निजी वाहनों में तोड़फोड़ की गई। संघर्ष में 7 पुलिस कर्मचारी और करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। लोग जलघर के लिए उनकी जमीन लिए जाने का विरोध कर रहे हैं। फिलहाल शिलान्यास टाल दिया गया है। सीएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
टकराव के कारण दो घंटे तक दिल्ली रोड बाधित रहा। वाहनों को बाइपास से गुजारना पड़ा। हिंसक प्रदर्शन के कारण सातरोड का बाजार बंद रहा। दिल्ली रोड के कई शोरूम भी बंद रहे। नगर निकाय मंत्री सावित्री जिंदल मौके भी पर पहुंचीं। उन्होंने आला-अफसरों से हालात का जायजा लिया। टकराव के बाद बातचीत शुरू हुई। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा- जलघर को किसी कीमत पर बनने नहीं देंगे। पहले शिलान्यास का पत्थर हटाओ, फिर सड़क से हटेंगे। फिर महाबीर स्टेडियम से जलघर के शिलान्यास का पत्थर हटवाया गया।
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