हिसार. मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा मंगलवार को शहर में आएंगे। वह तेरह प्रोजेक्टों का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इनमें से दो प्रोजेक्टों पर विवाद गहरा चुका है। सातरोड में जलघर निर्माण के खिलाफ पहले से लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं, अब धोबीघाट कॉम्प्लेक्स को लेकर भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
सातरोड के लोगों ने सीएम का रास्ता रोकने और काले झंडे दिखाने का ऐलान किया है, वहीं धोबी घाट कॉम्प्लेक्स का विरोध करने वाले रजक समाज ने भी मुख्यमंत्री का रास्ता रोकने की चेतावनी दी है। विरोध को देखते हुए जिला पुलिस का खुफिया तंत्र अलर्ट हो चुका है। प्रदर्शनकारियों को समझाने बुझाने के प्रयास जारी है।
जलघर नहीं बनने देंगे, जमीन पर
ग्रामीणों ने सोमवार जलघर के विरोध में संघर्ष के लिए रणनीति तैयार की है। सातरोड खास एवं सातरोड खुर्द की गोचर एवं शामलात बचाव समिति ने सहमति से गोचर भूमि पर दो दिवसीय धरना शुरू किया। पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि वे इस जमीन पर जलघर नहीं बनने देंगे। सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को काले झंडे दिखाए जाएंगे और स्टेडियम में घुसकर जलघर के शिलान्यास को रोका जाएगा।
ग्रामीणों ने सोमवार जलघर के विरोध में संघर्ष के लिए रणनीति तैयार की है। सातरोड खास एवं सातरोड खुर्द की गोचर एवं शामलात बचाव समिति ने सहमति से गोचर भूमि पर दो दिवसीय धरना शुरू किया। पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि वे इस जमीन पर जलघर नहीं बनने देंगे। सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को काले झंडे दिखाए जाएंगे और स्टेडियम में घुसकर जलघर के शिलान्यास को रोका जाएगा।
सातरोड के लोगों ने दोनों गांव की सहमति से मंगलवार को स्कूल व कॉलेज जाने वाले सभी विद्यार्थियों के अवकाश पर रहने का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के विरोध में विद्यार्थी भी प्रदर्शन में शामिल होंगे। गांव के प्रत्येक घर से पुरुष व महिला इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। समिति के सदस्यों ने कहा कि वाटर वक्र्स के लिए गांव में 27 एकड़ भूमि पहले ही दी जा चुकी है। समिति के सदस्यों ने कहा कि सरकार व प्रशासन एक साजिश के तहत गांव की गोचर भूमि को हड़पना चाहते हैं। इसी लिए यहां प्रोजेक्ट का बहाना बनाया जा रहा है।