हिसार। न्यू एनएच-9(एनएच-10) पर जून 2016 से वाहनों को फर्राटे भरने के लिए दो स्थानों पर टोल टैक्स देने होंगे। चूंकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हिसार से रोहतक के 99 किमी लंबे एनएच पर दो टोल के नाके तय कर दिए हैं। इस हाईवे पर पहला मौका होगा कि वाहन स्वामियों को टोल टैक्स देना होगा। इस हाईवे पर वाहन सरपट दौड़ेंगे और समय की बचत होगी।
एनएच बहादुरगढ़ से रोहतक व हिसार तक निर्मित होगा, जिसकी कुल लंबाई 170 से 315.550 किमी है।
पीपीपी(प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप) मॉडल से 960 करोड़ की लागत से बन रहे हाईवे का फिलहाल 35 फीसदी काम हो चुका है। राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों ने उम्मीद जताई यदि कोई तकनीकी रुकावट नहीं आई और सब ठीक रहा तो करीब 18 माह के भीतर हाईवे का काम पूरा हो जाएगा। हाईवे फोरलेन बनने से रोहतक से लेकर दिल्ली, हांसी, महम की दूरी तय करने में जो वक्त लगता था वह कम हो जाएगा।
नॉलेज| टाइम पीरियड से तय होता है टैक्स
पीपीपी मॉडल पर जो कार्य होते हैं, उन कामों के पूरे होने का समय निर्धारित होता है। जो समय तय होता है, उसमें काम पूरा हो जाता है तो लागत के हिसाब से किमी के हिसाब से टैक्स तय होता है। यदि काम निर्धारित समय से अधिक खींचता है तो टैक्स की दर भी बढ़ जाती है। इसमें निर्माण के दौरान आने वाली लागत भी टैक्स में जुड़ती है।
चार शहरों में बाइपास
हाईवे के बीच में चार बाइपास बनाए जा रहे हैं। जिन शहरों या बड़े कस्बों के बीच में होकर हाईवे जा रहा है और आबादी आ रही है तो वहां बाइपासों का निर्माण हो रहा है। हांसी में कुल 13 किमी के बाइपास बन रहा है। ऐसे ही महम, खरकड़ा और मदीना में बाइपास का निर्माण होना है।
टोल नाके: हांसी-मदीना
प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप यानि पीपीपी मॉडल पर निर्मित हो रहे हाईवे पर 99 किमी के बीच में टोल टैक्स वसूलने के लिए दो स्थानों पर नाके बनेंगे। एक नाका हांसी में बनेगा। दूसरा रोहतक के मदीना के निकट बनेगा। एनएचए के अफसर कहते हैं कि फिक्स स्थान अभी तय करना है।