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बिना एनओसी के नहीं होगी काेई भी रजिस्ट्री

7 वर्ष पहले
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करनाल। जिले में कहीं भी अवैध काॅलोनी नहीं पनपनी चाहिए। यदि कोई डीलर ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह निर्देश उपायुक्त डाॅ. जे गणेशन बुधवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों को दिए। वे पंजाब शेड्यूल रोडज एक्ट नंबर 41 ऑफ 1963 अर्बन एरिया एक्ट 1975 के संदर्भ में अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।
उपायुक्त ने अवैध कॉलोनियों से संबंधित कार्रवाई अमल में लाए जाने के लिए जिला योजनाकार अधिकारी रवि प्रकाश सिहाग को नोडल अधिकारी नियुक्त किया। डीटीपी जिले में जहां पर भी अवैध कॉलोनियां हैं उनकी लिस्ट उपायुक्त कार्यालय पुलिस अधीक्षक को देंगे तथा जहां पर भी कार्रवाई करनी हो उसके लिए दो दिन पहले पुलिस अधीक्षक को बताएं, ताकि मौके पर पुलिस फोर्स का इंतजाम किया जा सके। उपायुक्त ने डीटीपी को यह भी कहा कि हाईवे पर अवैध रूप से जो निर्माण कार्य चल रहा है उस पर भी तुरंत बंद करने की कार्रवाई करें।
बिनाएनओसी नहीं होगी कोई भी रजिस्ट्री
उपायुक्तने तहसीलदार हरिओम अत्री को कहा कि जिले की तहसीलों में बिना एनओसी के कोई रजिस्ट्री नहीं होनी चाहिए। तहसील क्षेत्र में अप्रूवड कालोनियों के बोर्ड लगे होने चाहिए,जिन पर कालोनियों के नाम अंकित होने चाहिए। उन्होंने नगर निगम के ईओ ओपी सिहाग को कहा कि जो कालोनियां नियमित हैं उनकी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय पुलिस अधीक्षक को तुरंत दें तथा जहां-जहां पर कार्रवाई करनी हैं उसकी रिपोर्ट भी जमा करवाएं।
शहर को बनाया जाएगा नंबर-वन स्मार्ट सिटी
अवैध निर्माण पर सख्ती के मूड में प्रशासन, लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक में डीसी जे गणेशन ने दिए कड़े निर्देश
लघुसचिवालय के सभागार में डीसी डॉ. जे गणेशन ने अधिकारियों कंपनी अधिकारियों के साथ मीटिंग की। शहर और नगर निगम की व्यवस्था को पारदर्शी एवं पूरी तरह से अपडेट बनाने के लिए विचार मंथन किया गया। नगर निगम अधिकारियों को एक ऐसी योजना बनाने के निर्देश दिए जिसके माध्यम से जिला प्रशासन, पार्षदों तथा अन्य संबंधित को शहर और नगर निगम में विभिन्न योजनाओं के तहत किए जा रहे और किए जाने वाले विकास कार्यों की ऑनलाइन पूरी जानकारी मिलती रहे।
बैठक में दी गई प्रेजेंटेशन : बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अपनी प्रेजेंटेशन दी। उपायुक्त ने सस्टेन सिटी प्लान संबंधी विषय पर ठोस कचरा प्रबंधन कैसे किया जाए, ऊर्जा क्षमता को कम खर्च करके कैसे बढ़ाया जाए, यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से किस प्रकार दुर्घटना रहित किया जाए, शहर की सुंदरता की व्यवस्था और बेहतरीन कैसे हो, सामूहिक पार्किंग की व्यवस्था कैसी होनी चाहिए, नगर निगम को एक माडल का रूप कैसे दिया जाए। पार्कों की व्यवस्था कैसी हो, डिवाइडर बनाने के लिए किस प्रकार के रिफ्लेक्टरों का प्रयोग किया जाए, सड़क व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कौन से मापदंड अपनाए जाएं ताकि सीएम सिटी को प्रदेश का नंबर-1 स्मार्ट शहर बनाया जा सके।

विकास कार्यों के लिए बनेगी पारदर्शी योजना : डीसीने संबंधित अधिकारियों और प्रतिनिधियों को निर्देश देते हुए कहा कि शहर में सीवरेज व्यवस्था, तरल प्रबंधन उद्योग विकास, डेयरी, स्ट्रीट लाइटें, सोलर लाइटें, बेहतरीन पर्यावरण, सौदर्यीकरण इत्यादि व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी योजना बनाई जाए। इसके लिए अलग से एप्लीकेशन तैयार की जाएगी जिस पर टैक्स इत्यादि कार्य भी कम्प्यूटर के साथ-साथ ऑनलाइन मोबाइल के साथ भी पूरे किए जा सकेंगे। इस पर सारी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
योजना के कार्य रूप में परिणित होने से किस क्षेत्र में कितनी सरकारी जमीन कहां पड़ी है, किस व्यक्ति ने किस क्षेत्र में अवैध निर्माण किया हुआ है या फिर कर रहा है, इस संदर्भ में उपरोक्त कार्यों सहित पूरा खाका तैयार किया जाएगा, जिसमें यूनिक आईडी, प्रोपर्टी आईडी, कालोनी कोड, पिन कोड, सम्पति के मालिक का नाम, कुल प्लाटों की संख्या, फ्लोर टाइप , कवर्ड एरिया, नए मकानों के नंबर, शहर में कितनी सड़कें, उनकी लंबाई और चौड़ाई, नक्शा, फोटो, कितनी संपति का कॉमर्शियल प्रयोग इत्यादि सभी कार्य ऑन लाईन हो जाएंगे।

गलत काम के लिए खुद जिम्मेदार होगा अधिकारी : उपायुक्तने बीएंडआर विभाग के अधिकारियों को कहा कि जो अवैध कालोनियां विकसित कर रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इससे पहले उन्हें नोटिस देकर सूचित किया जाए। उपायुक्त ने डीटीपी को कहा कि सही काम के लिए किसी को परेशान किया जाए और गलत काम किसी भी हालत में कतई नहीं होना चाहिए। यदि कोई अधिकारी गलत काम करता है तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा।
अनुसूचित मार्ग 30 मीटर वर्जित पट्टी में बने निर्माणों को आयुक्त नगर निगम, कार्यकारी अभियंता बीएंडआर तथा जिला नगर योजनाकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले निर्माणों कालोनियों को एक्ट के तहत कार्रवाई करें। मौके पर आयुक्त अरविंद मल्हान, एसडीएम राजीव मेहता, एसडीएम अश्वनी मलिक आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

जिला योजनाकार विभाग जहां भी कार्रवाई करे निष्पक्ष पारदर्शी होनी चाहिए : एसपी गर्ग
पुलिसअधीक्षक अभिषेक गर्ग ने कहा कि जिला योजनाकार विभाग जहां पर भी कार्रवाई करता है वह पूर्ण रूप से निष्पक्ष एवं पारदर्शी होनी चाहिए तथा संबंधित एफआईआर कराता है वह भी स्पष्ट होनी चाहिए कि वे किसके खिलाफ कार्रवाई कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि जहां पर भी विभाग को फोर्स की जरूरत होगी उसे तुरंत उपलब्ध करवाया जाएगा। एसपी ने सिहाग को कहा कि कारण बताओ नोटिस के अलावा रिकवरी नोटिस भी संबंधित व्यक्ति को दें। ताकि कार्रवाई के दौरान कोई समस्या पैदा हो।

बैठक में उठा मुद्दा अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ की जाए सख्त से सख्त कार्रवाई
उपायुक्तने बीएंडआर विभाग के अधिकारियों को कहा कि जो अवैध कालोनियां विकसित कर रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इससे पहले उन्हें नोटिस देकर सूचित किया जाए। उपायुक्त ने डीटीपी को कहा कि सही काम के लिए किसी को परेशान किया जाए और गलत काम किसी भी हालत में कतई नहीं होना चाहिए। यदि कोई अधिकारी गलत काम करता है तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने इस दौरान लोगों से अपील भी की कि वे अवैध जगहों पर मकान, प्लाट, दुकान आदि लें। यह नियम के विरूध है। ऐसे कोई नुकसान होता है तो वे स्वयं ही जिम्मेदार होंगे।
मोबाइल पर ऑनलाइन होगी शहर की जानकारी

(करनाल. लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेते डीसी जे. गणेशन।)