पोल हटाकर 500 मीटर सड़क को स्मार्ट बनाने में लगेंगे 6 माह
शहरको स्मार्ट बनाने के प्रयास कर रहा नगर निगम अभी तक मात्र 500 मीटर सड़क को भी स्मार्ट नहीं बना सका है। सड़क के छोटे से टुकड़े को स्मार्ट बनाने में अभी 6 माह और लगेंगे, अभी तो सड़क का निर्माण भी अधूरा पड़ा हुआ है। सड़क का निर्माण कार्य कैसे पूरा हो, क्योंकि पहले नगर निगम के सहयोग से बिजली विभाग को पोल हटाकर तारों को अंडर ग्राउंड जो करना है। इस हाल में राहगीरों को चलने के लिए सिर्फ आधी सड़क ही मिल रही है।
नगर निगम ने शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के प्रोजेक्ट के तहत लोगों को एक सड़क के जरिए स्मार्ट सिटी की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का मॉडल दिखाने का निर्णय लिया था। इसी के तहत ओल्ड जीटी रोड पर अग्रसेन चौक से लेकर अंबेडकर चौक तक की सड़क को स्मार्ट बनाने के लिए चयनित किया था। इस सड़क पर रोड़ा डालकर ऊंचा किया, लेकिन स्मार्ट सिटी की तर्ज पर इसका निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। हालात ये हैं कि लोगों को एक साइड में आधी सड़क की सफर के लिए मिल पा रही है। क्योंकि पीडब्ल्यूडी इस सड़क को तब तक पूरा नहीं कर सकता, जब तक नगर निगम बिजली निगम सड़क से बिजली के खंभे हटाकर तारों को अंडर ग्राउंड नहीं कर देते।
नगर निगम के एक्सईएन महिपाल सिंह ने बताया कि बिजली के खंभे और अंडर ग्राउंड तार बिछाने का कार्य बिजली निगम को करना है। निगम को इस कार्य पर आने वाले खर्च का भुगतान करना है। बिजली निगम अधिकारियों ने डीसी के साथ हुई मीटिंग में इस कार्य के लिए 6 माह का समय मांगा है। सड़क बनने के बाद सेंट्रल वर्क किया जाना है। डिवाइडर तैयार करने और एलईडी लाइटें लगवानी हैं। इस काम पर उनका तकरीबन 35 लाख रुपए खर्च आएगा।