कैंप में 570 मरीजों का चेकअप, फ्री बांटी दवा
बसंतपंचमी के अवसर पर आयुष विभाग की ओर से माॅडल टाउन स्थित निर्मलधाम में निःशुल्क आयुष चिकित्सा कैंप लगाया गया। कैम्प में 570 से अधिक मरीजों की जांच की गई उनको निःशुल्क दवाई बांटी गई। होम्योपैथिक दवाई लेने के लिए भी लोगों में काफी उत्साह देखा गया। कैंप की अध्यक्षता करते हुए अोएसडी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि आयुर्वेद भारत की ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की प्राचीनतम पद्धति है। कैंप में आयुष चिकित्सकों द्वारा अलग-अलग स्टाॅल लगाए गए। एक स्टाॅल पर चिकित्सकों द्वारा एनीमिया के कारण एवं बचाव के बारे में बताया गया।
दूसरी ओर स्टाॅल पर वृद्धावस्था में आहार-विहार, दिनचर्या एवं ऋतुचर्या के बारे में जानकारी प्रदान की गई। डाॅ. देवेन्द्र कुमार शर्मा जिला आयुर्वेदिक अधिकारी एवं डाॅ. मनोज विरमानी के मार्गदर्शन में डाॅ. अमनदीप पंचकर्म स्पेशलिस्ट एवं दीपिका ने रोगियों पर पंचकर्म चिकित्सा द्वारा इलाज किया। पंचकर्म चिकित्सा पद्धति में लोगों का भारी उत्साह देखा गया। डाॅ. नितिन रोहिला नोडल अधिकारी करनाल द्वारा औषधीय पौधों शुष्क द्रव्यों की प्रदर्शनी में आवासीय क्षेत्रों के आस-पास एवं रसोई में पाए जाने वाले द्रव्यों उनसे होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हाेंने कहा कि खान-पान के जरिए भी हम बीमारियों से बच सकते हैं।
आयुष मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. राम अवतार ने कहा कि आयुष पद्धति के इलाज से बीमारी जड़ से खत्म होती है। आयुर्वेद के अनुसार खान-पान दिनचर्या अपनाई जाए तो व्यक्ति का स्वास्थ्य निरंतर बना रहता है। उन्होंने कहा कि हमें योग से भी अपना नाता जोड़े रखना चाहिए। योग के द्वारा बहुत सी बीमारियों काे शरीर में आने से रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों को संयमित दिनचर्या अपनाने की भी सलाह दी। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने प्रदर्शनी में आगंतुकों को औषधीय पौधों जड़ी बूटियों की जानकारी तथा उनके लाभ भी बताए। उन्होंने कहा कि बहुत से औषधीय पौधे हमारे आसपास होते हैं, लेकिन हमें उनकी जानकारी नहीं होती। अगर हम जानकारी रखेंगे तो उनका लाभ उठा सकेंगे।
इस अवसर पर डाॅ. अंजना, डाॅ. मनप्रीत, डाॅ. राजबीर, डाॅ. प्रिंसी, डाॅ. पूजा, डाॅ. रितेश चहल, डाॅ. विनोद, संजय पंवार, ओम प्रकाश, संजीव, कर्मबीर, नरेश कुमार, ज्ञान देवी, धर्मवीर डिस्पेंसरों ने दवाइयां वितरित कीं।