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चार जोन में स्थापित होंगी डेयरियां

7 वर्ष पहले
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करनाल। पशु डेयरियों को शहर से बाहर स्थापित करने के लिए नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। नई योजना के अनुसार शहर के अंदर चल रही पशु डेयरियों को शहर से बाहर चार जोन में विस्थापित किया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक तौर पर चारों दिशाओं में जगह का चयन कर लिया गया। पिंगली गांव के अलावा दहा, फूसगढ़ और कैलाश गांव में पशु डेयरियों के लिए जगह काे चिन्हित किया गया है। शहर को साफ-स्वच्छ बनाए रखने और सीवर जाम की समस्या से निपटने के लिए वर्ष 2003 में तत्कालीन शहरी निकाय मंत्री के निर्देश पर पशु डेयरियों को शहर से बाहर करने का योजना बनाई गई थी।
कई साल बाद इसके लिए पिंगली ग्राम पंचायत से लगभग तकरीबन 30 एकड़ जमीन भी खरीद ली गई। यहां पर डेयरियों के विस्थापन को लेकर कई सड़क ट्यूबवेल भी लगवाए गए, लेकिन इसके बावजूद पशु डेयरियों को शहर से बाहर विस्थापित नहीं किया जा सका। डेयरी संचालकों को उक्त जगह लीज पर दी जाए या सेल की जाए इस पर भी प्रशासन फाइनल सहमति नहीं बना पाया। डेयरी संचालकों ने भी पर्याप्त सुविधाओं के बिना शहर से बाहर जाने के लिए तत्परता नहीं दिखाई। इन्हीं कारणों से पशु डेयरियों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की योजना फाइलों में ही बनी रही। लेकिन अब नगर निगम द्वारा इसे अपने एजेंडा में शामिल किया जाएगा। हाउस की मीटिंग में जगह के प्रस्ताव पर मोहर लगने के बाद अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी।

आवारा पशुओं के लिए यार्ड : इसके अलावा नगर निगम ने शहर को सुंदर बनाने की दिशा में सड़कों कॉलोनियों में आवारा पशुओं के घूमने से होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए कैटल यार्ड बनाने का भी प्रस्ताव तैयार किया है। आवारा पशुओं को पकड़कर कैटल यार्ड में पहुंचाया जाएगा, जहां पर aउनके चारे-पानी की व्यवस्थाएं भी की जाएगी। पशु डेयरियों के शहर से बाहर विस्थापित होने से जहां शहर में स्वच्छता बढ़ेगी, वहीं सीवर जाम की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलेगी। क्योंकि पशु डेयरियों का गोबर सीवर में जाने से सीवर चोक होते हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन विकास सिंगराेहा के अनुसार गोबर से सीवर जाम होने की समस्या पैदा होती है। क्योंकि गोबर जल्दी से बहता नहीं है और यह जमता रहता है।
लोगों को नहीं रहेगी दिक्कत : नगर परिषद के समय बनी योजना के अनुसार शहर में चल रही पशु डेयरियों को एक ही स्थान पर स्थानांतरित किया जाना था, लेकिन इससे निश्चित ताैर पर शहर की उस दिशा में बसने वाले शहर वासियों को विशेष फायदा होता, जिस दिशा में पशु डेयरी शिफ्ट होती, लेकिन बाकी की तीन दिशाओं में बसने वाले शहर के लोगों को दूध की जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक मशक्कत करनी पड़ती, लेकिन अब चारों दिशाओं में पशु डेयरियों की शिफ्टंग से क्षेत्र के लोगों को लंबी दूरी के सफर से होने वाली दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रत्येक दिशा के शहरी ग्रामीण उपभोक्ता अपनी दुग्ध संबंधित जरूरतों को सुलभ ढंग से पूरा कर सकेंगे। इसे लोगों को अधिक भागदौड़ करने की जरूरत नहीं रहेगी।
250 के लगभग पशु डेयरियां, सवे शुरू : शहरमें 250 के लगभग पशु डेयरियां बताई जा रही हैं, हालांकि इनकी निश्चित संख्या जानने के लिए निगम अधिकारियों ने सर्वे शुरू करवा दिया है। नगर निगम के पास जल्द ही पशु डेयरियों की निश्चित संख्या उपलब्ध हो जाएगी। उसके अनुसार पशु डेयरियाें के लिए प्लाट तय किए जाएंगे। हालांकि पिंगली गांव के पास नगर निगम ने 232 प्लाट तय किए हुए हैं।

सीएम के निर्देश पर खुली फाइल : पशु डेयरियों को शहर से बाहर विस्थापित करने संबंधित पुरानी फाइल सीएम के निर्देश पर खुल गई है। पशु डेयरियों की शिफ्टिंग अब एक स्थान पर नहीं बल्कि शहर की चारों दिशाओं में की जाएंगी। नगर निगम ने पहले से निश्चित पश्चिम में पिंगली गांव के अतिरिक्त तीन अन्य दिशाओं दक्षिण में दहा, पूर्व में फूसगढ़ उत्तर में कैलाश गांव की जगह का फिलहाल चयन कर लिया है।
चारों दिशाओं में करेंगे शिफ्ट: पशु डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू की गई है। शहर को चार जोन में बांटकर चारों दिशाओं में डेयरियों को शिफ्ट करने की योजना है। पहले से निश्चित पिंगली गांव के अलावा दहा, फूसगढ़ कैलाश गांव में नगर निगम की जमीन को प्रारंभिक तौर पर चिन्हित किया गया है। डेयरियों की संख्या जानने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। ओपी सिहाग, ईओ,नगर निगम करनाल।
योजना |पशु डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए नगर निगम तैयार।