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11 जनवरी तक न्याय नहीं तो सीएम आवास पर धरना

7 वर्ष पहले
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हलकाघरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण को जब चकबंदी पीड़ित पांचों गांव लालुपुरा, कालरम, अमृतपुर कलां, भरतपुर, अराईंपुरा के किसानों का 11 दिसंबर का चंडीगढ़ सीएम आवास पर धरने का पता चला तो वो तुरंत पीड़ित किसानों के बीच पहुंचे और लोगों को इक्ट्ठा करके उनकी सारी समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि वे किसानों के दर्द को अच्छी तरह समझ सकते हैं और इस चल रहे चकबंदी की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाएंगे और उनका हक उन्हें दिलवा कर रहेंगे। जब तक इसमें हो रही जालसाजी का पर्दाफाश करके दूध का दूध और पानी का पानी नहीं कर देते वो चैन से नहीं बैठेंगे।

डीसीने दिया आश्वासन

डीसीकरनाल जे गणेशन और एसपी अभिषेक गर्ग और तहसीलदार हरी ओम अत्री ने भी पांचों गांवों के किसानों की मीटिंग की और उनके विचारों और मांगों को ध्यान से सुना और काफी देर से चल रही मीटिंग के बाद उन्होंने किसानों को ठोस कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। और डीसी करनाल ने कहा कि सभी किसान प्रशासन पर पूर्ण विश्वास रखें और हमारे होते किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और किसी भी प्रकार के भू-माफिया, बदमाश और गलत प्रवृत्तियों के अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। वे चकबंदी संयोजक प्रदीप कालरम ने कहा कि वे अपने हक की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे। जब तक उन्हें न्याय मिलेगा और इस बात पर सभी किसानों ने अपने हाथ खड़े करके पूर्ण समर्थन किया। और प्रदीप ने कहा कि विधायक और कानून पर पूरा विश्वास रखते हैं, उन्हें विश्वास है कि अधिकारी उनके हकों की लड़ाई में उनका पूरा साथ देंगे।

किसानों ने सार्वजनिक तौर पर ये भी फैसला लिया कि अगर कहीं कहीं उनको लगा कि करनाल प्रशासन उनको न्याय दिलवाने में असमर्थ है तो वो रोहतक कमिश्नर राजीव रंजन के द्वारा दी गई 9 जनवरी 2015 की तारीख के बाद 11 जनवरी को पांचों गांव अपने बच्चों और महिलाओं के साथ अपने घरों को खाली करके चंडीगढ़ सीएम मनोहर लाल खट्टर के आवास के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे और जब तक वापस नहीं आएगे जब तक उन्हें उनके पूर्वजों के द्वारा खरीदी जमीनें वापस नहीं मिलेंगी। उनके झूठे मुकद्दमें खारिज नहीं होंगे।