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छह बार हाथ जोड़े, फिर भी नहीं पसीजा दिल...और बहू चल बसी

7 वर्ष पहले
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(करनाल. जच्चा की मौत के बाद डेड बॉडी साथ लेकर सड़क पर जाम लगाए परिजन।)
करनाल। वह अपनी बहू की जिंदगी के लिए भीख मांगती रही। ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारियों का दिल नहीं पसीजा या किसी ने ड्यूटी को ड्यूटी नहीं समझा। उधर बहू दर्द से बेहाल होती जा रही थी, मौत होले-होले कदमों से उसके नजदीक पहुंच रही थी। सास को पता था, कि ऐसे समय में उसे सिर्फ अस्पताल के डाक्टर नर्स ही बचा सकते हैं। वह उन्हें भगवान का प्रतिरुप मानकर मिन्नतें कर रही थी। एक नहीं छह बार गई, लेकिन किसी ने उसकी एक सुनी। अंतत: मौत जीत गई और जिंदगी हार गई। फिर क्या था, परिजनों, तमाशबीनों और अन्य लोगों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया।
अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया गया। एक दिन का वह बच्चा भी अपनी मां की मौत के लिए न्याय मांगने के लिए एक महिला की गोद में सवार होकर धरनास्थल पर गया। जिन्होंने भी इस दृश्य को देखा वह करूणा से भर गया। अस्पताल प्रशासन इसे महज एक हादसा करार दे रहा है।

गांव रांवर निवासी 25 वर्षीय पूजा की डिलीवरी के एक दिन बाद कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। मृतका की सास कमला ने बेटी की मौत पर बिलखते हुए कहा कि बेटी पूजा की तबीयत बिगड़ी तो वह डयूटी पर तैनात डॉक्टर को बुलाने के लिए गई। लेकिन वे नहीं आए। उसके बाद वह लगातार छह बार डॉक्टरों के पास उसकी बेटी को देखने के लिए गिड़गिड़ाती रही।
लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उसे दुत्कार कर चले जाने के लिए कह दिया, कहा कि उनके पास केवल एक ही मरीज है क्या।
उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर पूजा को देख लेते तो पूजा उन सब के बीच होती। वे अब कहां पर जाएं, डॉक्टरों की लापरवाही ने उनके बेटे का घर उजाड़ कर रख दिया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसा हो।


पूजा की मौत सिर्फ हादसा : डॉ.योगेश शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लेबर रूम में तो उपकरणों, तो स्टाफ ही कमरों की आवश्यकता है। पूजा की मौत सिर्फ एक हादसा है। यहां पर प्रतिदिन काफी डिलवरी होती हैं और सब ठीक रहता है।

रिपोर्ट आने पर करेंगे कार्रवाई : तहसीलदारहरि ओम अत्री ने कहा कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम बोर्ड द्वारा कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद जो भी रिपोर्ट आएगी। उसी के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
आरोपियों की गिरफ्तारी होने से गुस्साए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज पर करीब 11 बजकर 20 मिनट पर जाम लगा दिया। पुलिस कर्मचारियों ने मृतका के परिजनों को जाम लगाने के लिए काफी समझाया। लेकिन वे नहीं माने। परिजन मृतका के शव को सड़क पर रखकर नारेबाजी कर इंसाफ मांगने लगे, कहा कि आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार करो। एसडीएम, तहसीलदार अन्य पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर डॉक्टरों के बोर्ड वीडियोग्राफी में शव को पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजन जाम खोलने पर शांत हुए।

पूजा की मौत से गुस्साए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने प्रसूति विभाग के मुख्य गेट के शीशे तोड़ दिए। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत किया। परिजनों ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो सड़कों पर उतरकर जाम लगाएंगे।

मृतका की सास ने कहा कि वे पूजा को डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज में शनिवार को लेकर आए थे। मंगलवार को पूजा को आप्रेशन से लड़के का जन्म हुआ। लेकिन मंगलवार रात के समय पूजा की तबीयत काफी खराब हो गई। डयूटी पर तैनात डॉक्टर को पूजा की बिगड़ती तबीयत के बारे में बताया गया। एक नहीं पांच छह बार डॉक्टरों को बुलाने पर भी नहीं आए। लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि यहां पर केवल एक ही मरीज है क्या। तुम यहां से बाहर चले जाओ। अल सुबह तक पूजा की तबीयत काफी बिगड़ने के कारण मौत हो गई।

सांस लेने में दिक्कत थी तो आॅक्सीजन लगाते : डॉ.योगेश शर्मा ने कहा कि पूजा को सांस लेने में काफी दिक्कत थी, सवाल यह उठता है कि पूजा को सांस लेने में दिक्कत रही थी तो डॉक्टरों ने उसे आक्सीजन क्यों नहीं लगाई गई। मृतका की सास पति ने कहा कि पूजा बेड पर लेटी हुई जिंदगी और मौत से लड़ती रही। लेकिन आक्सीजन तो दूर कोई डॉक्टर उसे देखने तक नहीं आया। अगर डॉक्टर उसे यह कहते कि उसकी स्थिति गंभीर है, इसे कहीं ओर ले जाओ, तो वे उसे दूसरे अस्पताल में लेकर चले जाते। सब डॉक्टर झूठ बोल रहे हंै। दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई हो।
- कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा ।
- बोर्ड से कराया पोस्टमार्टम ।
- 40 मिनट तक जाम रहा अस्पताल रोड, पुलिस ने गठित की जांच कमेटी ।