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कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम खत्म होना चाहिए : सैनी

5 वर्ष पहले
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कॉलेजों में सेमेस्टर प्रणाली के चलते एक साल में से छह माह तो पेपर लेने और उन्हें चेक करने में ही खराब हो जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। इस कारण कॉलेजों से सेमेस्टर सिस्टम को खत्म कर देना चाहिए। यह बात पानीपत से आए हरियाणा कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव डॉ. आरआर सैनी ने कही। वे दयाल सिंह कॉलेज में हुई एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के राज्य प्रधान नरेंद्र चाहर ने की।

सैनी ने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम के कारण प्रदेश के विश्वविद्यालय ओवरलोडेड हैं और ठीक समय पर पेपर चेक नहीं हो पाते। इससे पिछले दो साल के परीक्षा परिणामों में भी गिरावट आई है। स्कूलों की तरह कॉलेजों से भी इस प्रणाली को खत्म किए जाने की जरूरत है। इस अवसर पर प्रधान नरेंद्र चाहर ने कहा कि कॉलेज शिक्षकों की मांगें पिछले काफी समय से लंबित चली रही हैं, जिन्हें सरकार पूरा करने की बजाय केवल आश्वासन देती रही हैं। उन्होंने कहा कि अब एसोसिएशन अपनी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष का रास्ता अख्तियार करने को तैयार है। इससे पहले महासचिव डॉ. आरआर सैनी ने बैठक में एसोसिएशन की सालभर की गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

ऐसोसिएशनने ये रखी मांगें

एसोसिएशनके जोनल प्रधान डॉ. सुभाष सैनी ने बताया कि बैठक में एडिड कॉलेज में मेडिकल की सुविधा देने, लीव इन कैशमेंट का लाभ देने, एपीआई सिस्टम खत्म करने, चाइल्ड केयर लीव का बेनीफिट प्रदेश में दिए जाने, सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने, न्यू पेंशन स्कीम लागू करने जैसी कई अन्य प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई।

इन्होंनेभी विचार व्यक्त किए: बैठकमें डॉ. बलबीर सिंह, डाॅ. सारिका चौधरी, प्रो. सुभाष लारा, संतोष यादव, प्रो. संदीप कुमार, डॉ. अजय कुमार, डॉ. चांद आदि ने भी अपने विचार रखे।

भास्कर न्यूज | करनाल

कॉलेजों में सेमेस्टर प्रणाली के चलते एक साल में से छह माह तो पेपर लेने और उन्हें चेक करने में ही खराब हो जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। इस कारण कॉलेजों से सेमेस्टर सिस्टम को खत्म कर देना चाहिए। यह बात पानीपत से आए हरियाणा कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव डॉ. आरआर सैनी ने कही। वे दयाल सिंह कॉलेज में हुई एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के राज्य प्रधान नरेंद्र चाहर ने की।

सैनी ने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम के कारण प्रदेश के विश्वविद्यालय ओवरलोडेड हैं और ठीक समय पर पेपर चेक नहीं हो पाते। इससे पिछले दो साल के परीक्षा परिणामों में भी गिरावट आई है। स्कूलों की तरह कॉलेजों से भी इस प्रणाली को खत्म किए जाने की जरूरत है। इस अवसर पर प्रधान नरेंद्र चाहर ने कहा कि कॉलेज शिक्षकों की मांगें पिछले काफी समय से लंबित चली रही हैं, जिन्हें सरकार पूरा करने की बजाय केवल आश्वासन देती रही हैं। उन्होंने कहा कि अब एसोसिएशन अपनी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष का रास्ता अख्तियार करने को तैयार है। इससे पहले महासचिव डॉ. आरआर सैनी ने बैठक में एसोसिएशन की सालभर की गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

ऐसोसिएशनने ये रखी मांगें

एसोसिएशनके जोनल प्रधान डॉ. सुभाष सैनी ने बताया कि बैठक में एडिड कॉलेज में मेडिकल की सुविधा देने, लीव इन कैशमेंट का लाभ देने, एपीआई सिस्टम खत्म करने, चाइल्ड केयर लीव का बेनीफिट प्रदेश में दिए जाने, सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने, न्यू पेंशन स्कीम लागू करने जैसी कई अन्य प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई।

इन्होंनेभी विचार व्यक्त किए: बैठकमें डॉ. बलबीर सिंह, डाॅ. सारिका चौधरी, प्रो. सुभाष लारा, संतोष यादव, प्रो. संदीप कुमार, डॉ. अजय कुमार, डॉ. चांद आदि ने भी अपने विचार रखे।

{ हरियाणा कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक हुई

करनाल. दयालसिंह कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित अतिथिगण।

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