शिक्षा में परिवर्तन समय की मांग
असंध | गांवराहड़ा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल के वार्षिकोत्स एवं पुरस्कार वितरण समारोह में बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय करनाल के बीके मेहरचंद स्थानीय सेवाश्रम संचालिका राजयोगिनी बीके ऊषा बहन ने शिरकत की।
मेहरचंद ने कहा कि आज जिस तरह की शिक्षा समाज को दी जा रही है वह बड़े-बड़े इंजीनियर, डाॅक्टर, वकील वैज्ञानिक तो पैदा कर सकती है, लेकिन महात्मा गांधी विवेकानंद पैदा करने में पूरी तरह से नाकाम रही है। मूल्यविहीन शिक्षा समाज को भटकाव की ओर ले जा रहा है। 1835 में लागू शिक्षा के इस मॉडल में आमूलचूल परिवर्तन समय की जरूरत और मांग है।
असंध . मेधावीछात्रा को पुरस्कृत करते मुख्य अितथि बीके मेहरचंद।
विद्यार्थियों ने नाटक से बुराइयों पर किए कटाक्ष
विद्यार्थियोंने नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा बाल विवाह आदि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संदेश देती लघु नाटिकाओं का भी मंचन किया। प्रधानाचार्या किरण बावा ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की। इस दौरान मेधावी बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। बीके नीलम सरिता ने भी अपने विचार रखे। मौके पर संचालक महिपाल राणा, सुमन राणा, शिक्षक विजय, गुरजीत कौर, राजविंद्र, सुनीता, मधु, राकेश, राखी स्टाफ सदस्यों ने संचालन में भूमिका निभाई।