कर्मियों ने एफसीआई में जमकर की नारेबाजी
करनाल | एफसीआईसे जबरन रिटायर किए गए श्रमिकों ने एफसीआई अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। श्रमिकों का कहना है कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, कानून का उल्लंघन किया जा रहा है।
अधिकारी लेबर कमिश्नर के समक्ष आने से भी डर रहे हैं, क्योंकि वो अपनी गलती को छिपाने के प्रयास में हैं। एफसीआई अधिकारी ने 5 फरवरी को श्रम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होना था, लेकिन अधिकारी प्रस्तुत नहीं हुआ। वार्ता की अगली तारीख 25 फरवरी रखी गई है। शनिवार को एफसीआई से रिटायर किए श्रमिकों को धरने पर बैठे 92वें दिन हो गए। जंग बहादुर यादव ने कहा कि सीएमओ द्वारा प्रमाणित आयु को नियुक्ति के तीन महीने के बाद बदला नहीं जा सकता, परंतु नियुक्ति के 20 साल बाद विभागीय श्रमिकों की आयु को बदलकर, लेबर कमिश्नर द्वारा सर्टिफाइड आर्डर को भी एफसीआई के अधिकारियों ने नकार दिया है। इससे यह बात साफ है कि एफसीआई कानून की अवहेलना कर रही है।