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पहले दिन 500 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

6 वर्ष पहले
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खेलविभाग की ओर से कर्ण स्टेडियम में स्पीड टेस्ट का आयोजन किया गया। पहले दिन करनाल खंड के 500 ब्वायज खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा के जौहर दिखाए। टेस्ट देने को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह व्याप्त रहा।

स्पीड टेस्ट देने वाले खिलाड़ियों को छह इवेंट से गुजरना पड़ा। इसके तहत उन्हें 30 मीटर की फ्लाइंग रेस, 800 मीटर की रेस, 10 गुणा 6 मीटर की शटल रेस, फॉरवर्ड बैंड, मेडिसन बाल और स्टेंडिंग ब्रॉड जंप का टेस्ट देना पड़ा। स्पीड टेस्ट देने के कारण स्टेडियम में खिलाड़ियों का जैसे मेला लगा रहा। सरकार की छात्रवृति योजना का लाभ उठाने के लिए खिलाड़ियों का उत्साह बना हुआ था। क्योंकि इस नई खेल नीति में प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति की राशि बढ़ा दी है। इस बार 6 से 14 वर्ष तक की आयु के खिलाड़ियों को 1500 की जगह 2500 रुपए और 15 से 19 वर्ष की आयु के स्पीड टेस्ट विजेता खिलाड़ियों को 2 हजार की जगह 3 हजार रुपए मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी।

इसकेबाद होगा फाइनल राउंड

स्पीडटेस्ट के तहत यह दूसरा राउंड चल रहा है। इसके बाद फाइनल राउंड होगा, जिसमें विजयी रहने वाले खिलाड़ियों को ही सरकार की छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिलेगा। लेकिन फिलहाल तीसरे राउंड की तारीख तय नहीं हुई है।

16 फरवरी तक चलेंगे

दूसरे राउंड के टेस्ट

डीएसओकर्मचंद ने बताया कि इस दूसरे राउंड के टेस्ट 16 फरवरी तक चलेंगे। 10 फरवरी को कर्ण स्टेडियम में करनाल ब्लॉक की गर्ल्स खिलाड़ियों के स्पीड टेस्ट होंगे। 11 फरवरी को कर्ण स्टेडियम में असंध खंड के ब्वायज गर्ल्स खिलाड़ियों, 12 को कर्ण स्टेडियम में इंद्री ब्वायज खिलाड़ी, 13 को गर्ल्स खिलाड़ी, 14 को नीलोखेड़ी ब्वायज गर्ल्स खिलाड़ी और 15 को कर्ण स्टेडियम में घरौंडा के ब्वायज गर्ल्स खिलाड़ी और 16 फरवरी को निसिंग खंड के साथ किसी भी खंड के वे खिलाड़ी टेस्ट दे सकेंगे जो किसी कारणवश टेस्ट नहीं दे पाएं हैं।

करनाल . कर्णस्टेडियम में जगह-जगह उबड-खाबड़ है ट्रैक, दौड़ने में होती है दिक्कत।

करनाल . कर्णस्टेडियम में स्पीड के तहत फ्लाइंग दौड़ में भाग लेता एक प्रतिभागी।

उबड़-खाबड़ ट्रैक पर

स्पीड टेस्ट

कर्णस्टेडियम की ट्रैक उबड़ खाबड़ बनी हुई है, जिस पर खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करना पड़ता है। यह ट्रैक धावकों के लिए परेशानी पैदा कर रही है। कई बार के दावों के बाद प्रशासन कर्ण स्टेडियम की हालत अभी तक नहीं सुधार पाया है, जबकि करनाल में कर्ण स्टेडियम खिलाड़ियों की अहम जरूरत है।