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स्कूलों सौंपने के फैसले का किया कड़ा विरोध

7 वर्ष पहले
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करनाल | हरियाणाविद्यालय अध्यापक संघ ने सरकारी स्कूलों को फाउंडेशन को सौंपे जाने का पुरजोर विरोध किया है। संघ का कहना है कि स्कूलों को निजी हाथों में सौंपना सरासर गलत है। ऐसा करके सरकार अध्यापकों और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने का काम कर रही है। संघ के अध्यक्ष अनिल सैनी ने बताया कि शिक्षा विभाग ने करनाल जिला से 6 स्कूलों को फाउंडेशन को सौंपने का निर्णय लिया है। इन स्कूलों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सीकरी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भादसों, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजीदा जाटान, राजकीय प्राथमिक विद्यालय चिड़ाव, राजकीय प्राथमिक विद्यालय पदाना हसनपुर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय जलमाना शामिल हैं। अनिल सैनी ने कहा कि किसी भी एनजीओ को स्कूलों में घुसने नहीं दिया जाएगा। इसका पुरजोर कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सुधारीकरण के नाम पर सरकारी स्कूलों को निजी हाथों में सौंपा रही है। यह सहन नहीं किया जाएगा। शिक्षा का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर धरने प्रदर्शन करने से भी अध्यापक गुरेज नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अध्यापकों के एसीपी के जो मामले अधूरे हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस मामले को लेकर कई बार यूनियन का प्रतिनिधिमंडल उच्चाधिकारियों से मिल चुका हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।