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सूखे से फसलों में नुकसान का किया जाएगा आंकलन
उपकृषि निदेशक डॉक्टर पवन शर्मा ने कहा कि धान की फसल के लिए यह संक्रमण का दौर है। फसल को बीमारी से बचाने के लिए सबसे आवश्यक है कि नियमित तौर पर खेतों में जाकर किसान पौधों की निगरानी करें। इससे पौधों में कीट आदि के बारे में समय से जानकारी मिल सकेगी और उसका उपचार भी समय रहते किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि विभाग में कीटनाशक दवाओं का पर्याप्त स्टाक है। किसान विभागीय सेंटरों से फसल को संक्रमण से बचाने के लिए वैज्ञानिक सलाह भी प्राप्त कर सकते हैं।
बिललेना भूलें
डीडीने बताया कि सहकारी बीज बिक्री केंद्रों में गेहूं, बरसीम, तोरिया आदि का बीज चुका है। जिसकी बिक्री शासन की निर्धारित व्यवस्था के मुताबिक की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान उक्त केंद्रों से बीज प्राप्त कर सकते है। बीज लेते वक्त बिल जरूर लें ले। डीडी ने बेहतर परिणाम के लिए प्रामाणिक बीजों के प्रयोग पर जोर दिया। इसके अलावा बुआई से पहले खेत के मिट्टी की जांच एवं बीज शोधन को बढ़ावा देने की बात कही।
{बैठक में जिला में सूखा एवं हाल में हुई बरसात से हुए नुकसान पर की गई चर्चा।
भास्करन्यूज |करनाल
शनिवारको विकास भवन सभागार में हुई कृषि विभाग की बैठक में जिला में सूखा एवं हाल में हुई बरसात से हुए नुकसान पर चर्चा की गई। साथ ही आगामी रबी सत्र में किसानों को उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर भी विचार विमर्श किया गया। उप निदेशक कृषि डॉक्टर पवन शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधीनस्थों को मौसम की मार से हुए फसल के नुकसान की पूर्ण रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान यह बात सामने आई की पहले सूखा एवं इसके बाद हाल में हुई भारी बारिश से खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। खासकर धान की फसल इससे व्यापक तौर पर प्रभावित हुई है। डॉक्टर शर्मा ने कहा कि नुकसान के सही आंकलन के लिए भौतिक सत्यापन कराकर शीघ्र रिपोर्ट तैयार कराई जाए। कृषि विकास अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने स्प्रे पंप एवं उसके पार्ट्स के बारे में जानकारी दी एवं उसके रखरखाव के बारे में बताया। डॉक्टर सुनील, डॉक्टर शीशपाल, डॉक्टर इंद्रपाल, डॉक्टर रमेश सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।