करनाल। अब ट्रेन में यात्रा की चाह रखने वालों को टिकट आरक्षित कराते समय पूरी जानकारी सटीक देनी होगी। अन्यथा उनके पास टिकट होते हुए भी वे बे टिकट माने जाएंगे। ऐसा हाेने पर उनसे रेलवे नियम अनुसार जुर्माना वसूला जाएगा। चूंकि टिकट आरक्षित कराते समय आरक्षण फार्म में दी जानकारी जैसे फोन नंबर, यात्री का नाम पता इत्यादि की सत्यता की जांच करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ को तैनात किया जा रहा है। जो आरक्षण फार्म में दिए गए फोन,
मोबाइल नंबर अथवा पते पर पूछताछ करेंगे। अगर दी गई जानकारी में किसी भी प्रकार की भिन्नता पाई गई तो यात्री बे टिकट माना जाएगा, जुर्माना भी लिया जाएगा।
रेलवे को मिल रही थी शिकायतें यात्री की और ही लेता था टिकट
रेलवेको लगातार शिकायत मिल रही थी कि आरक्षित खिड़की पर यात्रा करने वालों के स्थान पर कोई अन्य व्यक्ति खड़ा होकर टिकट लेते हैं। इस कारण अन्य को टिकट नहीं मिल पाती। जो काफी दुखदायी होता है। क्योंकि पैसे वाले अक्सर स्टेशन पर रहने वाले रिक्शा चालक या अन्य को अपनी जगह टिकट लेने के लिए खड़ा कर देते थे। क्योंकि ये लोग तो स्टेशन पर ही रहते हैं। इस कारण समय से पहले ही पैसों के लालच में खड़ा हो जाते थे। जैसे ही टिकट खिड़की खुलती, वे सबसे पहले टिकट लेकर असली व्यक्ति को दे देते थे।
रेलवे द्वारा यात्रियों को दलालों की सक्रियता अवैध टिकट दलालों की कार्य प्रणाली से बचाने के लिए यात्रियों को एडवांस रिजर्वेशन पीरियड तथा तत्काल टिकटों के संशोधित नियमों की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए हर स्टेशनों के सहायक बूथ एवं प्रचार माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि यात्री दलालों अन्य के चक्कर में फंसे। रेलवे द्वारा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने तथा हस्तांतरित टिकटों पर यात्रा करने जैसे मामलों को रोकने के लिए टिकट जांच कर्मचारियों के दस्तों का गठन किया जाएगा। जो टिकट लेने वालों के पतों पर जाकर भी जानकारी एकत्रित करेंगे। इससे रेलवे टिकट वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
रेलवे स्टेशन पर लगाए जाएंगे बूथ
सावधान| यात्री टिकट लेते समय दें सही जानकारी, यदि जांच में गड़बड़ी पाई गई तो कहीं पड़ न जाए भारी।