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बिल नहीं भरा तो रिमोट से कटेगा बिजली कनेक्शन
एसई कार्यालय में बनेगा कंट्रोल रूम
उतरीदक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा जिले में स्मार्ट ग्रिड परियोजना नामक नई योजना पर गंभीरता से विचार विमर्श किया जा रहा है। परियोजना की खास विशेषता यह होगी कि अगर उपभोक्ता समय पर बिल नहीं भरेगा तो उस उपभोक्ता को फोन पर सूचित कर उसका बिल रिमोट से ही काट दिया जाएगा। अगर योजना पर सहमति बनती है तो यह परियोजना शहर में ही लागू की जाएगी। फिर धीरे-धीरे सर्कल में। निगम एसई टीके महाजन ने बताया कि स्मार्ट ग्रिड परियोजना पर गंभीरता से विचार विमर्श किया जा रहा है। योजना का उपभोक्ताओं के अलावा निगम को भी फायदा होगा। इससे जहां रेगुलर उपभोक्ताओं को पहले से बेहतर बिजली मिलेगी साथ ही निगम डिफाल्टर उपभोक्ताओं को किसी भी सूरत में बिजली नहीं देगा। अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो परियोजना जल्द ही लागू होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
प्रतिदिन 60 लाख यूनिट बिजली होती है खर्च
निगमअधिकारी के अनुसार इस समय शहर में प्रतिदिन 55 से साठ लाख यूनिट तक बिजली खर्च हो रही है। जो गर्मियों की अपेक्षा काफी कम है। उन्होंने कहा कि बिजली निगम का उद्देश्य है कि उपभोक्ताओं को बिजली की बेहतर सुविधा मुहैया कराना है। उनका प्रयास रहता है कि बिजली उन उपभोक्ताओं को जरूर मिले, जो लगातार बिजली का बिल भर रहे हैं
परियोजना के अनुसार स्मार्ट ग्रिड परियोजना के तहत मीटर को कोई चिप या फंक्शन फिट किया जाएगा। जो निगम द्वारा लगाया जाएगा। यह जिप या फंक्शन सीधे तौर पर एसई कार्यालय में बने कंट्रोल रुम में कंप्यूटर आदि की सहायता से कनेक्ट होगा। कंट्रोल रूम से बैठे बैठाए पता लगाया जा सकेगा कि मीटर के साथ कोई छेड़खानी तो नहीं कर रहा है। मीटर सही प्रकार से काम कर रहा है या नहीं, यह भी जानकारी मिल सकेगी।
बिलके बारे में पहले ही अवगत करा देंगे
परियोजनाकी एक ओर खास विशेषता होगी कि उपभोक्ता को बिल के बारे में पहले ही पता दिया जाएगा। उसकी अंतिम तिथि के बारे भी बताया जाएगा। अगर इस उपभोक्ता इस तिथि तक बिल भरे तो उसकाे फोन कर कंट्रोल रूम से रिमोट से ही बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। उसका कनेक्शन तब तक चालू नहीं किया जाएगा, जब तक वह बिजली बिल भर दे। परियोजना से रेगुलर उपभोक्ताओं को फायदा होगा। निगम डिफाल्टर उपभोक्ताओं के लिए बिजली नहीं खरीदेगा। अर्थात निगम उन उपभोक्ताओं को ही बिजल