(करनाल . यूं पेड़ पर चढ़ना शुरू करता है मुकेश कुमार।)
करनाल। मुकेश जब 21 की उम्र के थे, तब पेड़ पर उल्टा चढ़ने का प्रयास किया। अब 31 पार कर चुके हैं तो इसे उन्होंने जुनून बना डाला। सोचा क्यों गिनीज बुक में अपना नाम भी दर्ज करा लिया जाए। अब वे एक मिनिट 40 सेकेंड में 35 फीट लंबे पेड़ पर उल्टा चढ़ जाते हैं। मुकेश रोजाना दूध पीते हैं, मजदूरी कर परिवार को पालते हैं, लेकिन रोजाना अभ्यास करना नहीं भूलते।
मुकेश कुमार।
सिर में उतर आता था खून : पहले पहल जब वह पेड़ पर उल्टा चढ़ने लगा तो उसके सिर में खून उतर आता था। परिवार वाले गालियां देते थे। किसी की परवाह नहीं की। अब इसे उन्होंने अपना शौक बना लिया है। पेड़ ही नहीं वे लोहे के खंबे पर भी इसी गति से चढ़ते हैं। लोग इससे काफी हैरान हैं।
45 मिनट का रोजाना अभ्यास : कुरुक्षेत्र जिला के गांव तनगोरी निवासी मुकेश शुक्रवार को करनाल में थे। उन्होंने निफा अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु के समक्ष यह कारनामा कर दिखाया। बकौल मुकेश वे रोजाना 45 मिनट तक पेड़ पर उल्टा चढ़ने का अभ्यास करते हैं। इससे पहले 4 किलोमीटर की रेस भी लगाते हैं। यही नहीं पेड़ पर लटककर दंड भी मारते हैं। कई बार तो समय और भी अधिक हो जाता है, फिर भी नहीं थकते हैं।
गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने का होगा प्रयास : निफा के अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नू का कहना है कि मुकेश में काबलियत है, इसलिए वे उसका पूरा बायोडाटा गिनीज बुक के लिए भेजेंगे। ऐसी प्रतिभा को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने मुकेश की पूरी डिटेल ले ली है। यह वाकई में एक मेहनतभरा कार्य है। वे इसके लिए सरकार से भी मांग करेंगे कि ऐसे खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मौका दे।