निरंकार कण-कण में विद्यमान: अरोड़ा
करनाल| संतनिरंकारी सत्संग भवन में साप्ताहिक सत्संग सुनाते हुए महात्मा राजेश अरोड़ा ने श्रद्धालुओं से कहा कि किसी भी महापुरुष की शोभा, उसके चरित्र से होती है। जब हम इसको भूल जाते हैं, तो दुखी हो जाते हैं। मानव को अहम भाव को जीवन से हटाना होगा। तभी मानव सुखी जीवन जी पाएगा। उन्होंने कहा कि कभी किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए। निरंकार कण कण में विद्यमान है। कोई भी स्थान रिक्त नहीं है। इस अवसर पर बहन ज्योति, संजना, रिधि, अमर सिंह, कर्मजीत ,कर्म चंद, चतर सिंह, नारायण दास, सतीश, जितेंद्र सहित मौजूद रहे।