परमात्मा कण-कण में विद्यमान : सिंह
करनाल | सच्चागुरसिख वही होता है जो सतगुरु के आदेशों की पालना करते हुए अपना जीवन व्यतीत करे। यह बात रविवार को रेलवे रोड स्थित संत निरंकारी भवन में प्रवचनों की वर्षा करते हुए महात्मा गुरबचन सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति वही कहलाती है, जिसमें भक्ति, भक्त भगवान में गहरा संबंध हो। परमात्मा कण-कण में विद्यमान हैं। जब हम सदगुरु के चरणों से जुड़ जाते हैं तो हम सभी भ्रम से दूर हो जाते हैं। उन्होंने फरमाया कि सच्चा गुरसिख वही होता है जो पल-पल गुरु की शिक्षा का ध्यान रखता है। गुरु की कृपा से ही प्रभू को जाना जा सकता है। ज्ञान लेने के पश्चात व्यक्ति नम्रता का चोला धारण कर लेता है। कार्यक्रम के दौरान मंच का संचालन सुभाष पंवार ने किया। सोमवार को निसिंग में गुलरपुर रोड पर क्षेत्रीय निरंकारी संत समागम में दिल्ली से आए कृपा सागर मधुर वचनों से संगत को निहाल करेंगे। वहीं रविवार को कनाडा से टहल सिंह संत निरंकारी भवन करनाल में अपने वचनों से निहाल करेंगे।