‘2018 तक देश की 585 बड़ी मंडियां होंगी ऑनलाइन’
केंद्रीयकृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने मंगलवार को एनडीआरआई में आयोजित उद्घाटन समारोह में शिरकत की। मंत्री ने एनडीआरआई में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कल्की भवन, विद्यार्थियों के लिए नर्मदा हाॅस्टल बीपीडी यूनिट का उद्घाटन किया।
मंत्री ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। किसान दिनरात मेहनत करके देश का पेट भरता है, लेकिन उसे सही मूल्य नहीं मिल पाता। जिसके लिए सरकार देश की सभी बड़ी मंडियों को ई-ट्रेडिंग से जोड़ने की योजना है। वर्ष 2018 तक देश की 585 बड़ी मंडियों को ई-ट्रेडिंग से जोड़ दिया जाएगा, जिससेे किसानों को दलालों से मुक्ति मिलने के साथ ही फसल का अच्छा मूल्य मिलेगा। गौरतलब है कि अभी हरियाणा में 106 मंडियां हैं, जिनमें से 35 के ऑनलाइन होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों के प्रयोग से धरती बीमार हो गई है। इसलिए जैविक खेती की ओर ध्यान देेना चाहिए। उन्होंने एनडीआरआई के वैज्ञानिकों से जैविक खाद बनाने और एकीकृत खेती करने का आह्वान किया।
जल्दखुलेंगे दो संस्थान: कृषिमंत्री ने कहा कि सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक अनुसंधान संस्थान और इंटीग्रेटेड अनुसंधान संस्थान खोलने जा रही है। जिसको अमली जामा पहनाने के लिए सरकार ने खाका तैयार कर लिया है, जिससे धरतीपुत्र कम लागत में अधिक उत्पादन लेने की तकनीक सीख सकें।
मंत्री ने कहा कि किसानों को कई चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए लगातार घटता जल, धरती में पोषक तत्वों की कमी, घटती ऊर्जा, मौसम में बदलाव, नई तरह की कीटनाशक बीमारी, बीमारियों का दोबारा उभर आना, विश्व में तेजी से बढ़ते आईपीआर, व्यापार के बदलते नियमों इत्यादि से हमें मुकाबला करने की आवश्यकता है। मंत्री ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित कृषि विज्ञान ने हमारी विभिन्न खाद्यान्नों तिलहन, दलहनों और अन्य फसलों के उत्पादन में कई गुणा वृद्धि करने में मदद की है।
मंत्री ने बताया कि देश में कृषि पैदावार बढ़ाने के लिए उर्वरक का प्रयोग बढ़ा है। जरूरी है कि मिट्टी की उत्पादकता बढ़ाई जाए। परन्तु उर्वरक के असंतुलित प्रयोग से बहुत सी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। धान-गेहूं का फसल चक्र सालाना करीब 800 किलोग्राम प्रति हेक्टर नाइट्रोजन फास्फोरस आॅक्साइड और पोटेशियम आॅक्साइड का उपयोग कर लेता है। इससे जिंक, आयरन, मैग्नीशियम और तांबा जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भारी मात्रा में कम हो जाते हैं। मंत्री ने कहा कि भारत का तेज गति से आर्थिक विकास हो रहा है। आशा है कि सन 2050 तक भारत विश्व के तीन सबसे समृद्धशाली राष्ट्रों में एक होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 तक देश के सभी किसानों को मिट्टी जांच हेल्थ कार्ड दिए जाएंगे। कैसे किसान सोयल नमूनों का पंजीकरण करें और किस प्रकार फायदा लें इस स्कीम को उन्हें बताने की जरूरत है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पहली बार परंपरागत कृषि विकास योजना को आरंभ किया है। वर्ष 2015-16 में इसके लिए 300 करोड़ का आबंटन किया गया एवं अभी तक लगभग आठ हजार क्लस्टर भी बना लिए हैं।
दूध उत्पादन में 51 प्रतिशत भैंस 45 प्रतिशत गायों का योगदान
संस्थानके निदेशक डाॅ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि कुल दूध उत्पादन में 51 प्रतिशत भैंस और 45 प्रतिशत दूध गायों से रहा है। दूध उत्पादन में वृद्धि पशुओं की संख्या ज्यादा होने की वजह से नहीं हुई। बल्कि वैज्ञानिकों द्वारा इजाद की गई तकनीकों की वजह सेे हुई है। उन्होंने कहा कि आजीविका सुरक्षा और पोषण सुरक्षा में संस्थान योगदान करता रहेगा।
थनैलारोग घातक बीमारी
आईसीएआरके उप महानिदेशक पशु विज्ञान डाॅ. एच रहमान पशुओं में होने वाली बीमारियों पर विचार करते हुए कहा कि पशु में थनैला रोग और मुंह पका, खुर पका की सबसे घातक बीमारी है। जिसकी वजह से हर साल करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।
दो तकनीकों को किया विमोचन
कृषिमंत्री राधा मोहन ने एनडीआरआई द्वारा विकसित गाय भैंस के घी मक्खन की पहचान करने वाली तकनीक, गाय-भैंस, बकरी और ऊंटनी के दूध की पहचान करने वाली तकनीकों का विमोचन किया। मंत्री ने कहा कि ये ऐसी तकनीकें हैं, जिससे अगर कोई गाय के घी या मक्खन में भैंस का घी या मक्खन मिलाकर बेच रहा है तो इस किट से उसकी पहचान हो जाएगी। इसके अलावा गाय एवं भैंसों में प्रजनन प्रबंधन एवं एटेक्स्ट बुक आॅफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी का भी विमोचन किया।
मॉडलसाबित होगी एनडीआरआई
एनडीआरआईके निदेशक डाॅ. एके श्रीवास्तव ने आश्वासन दिया कि संस्थान जल्द ही ढाई हेक्टेयर में एकीकृत कृषि करेगी। जिसमें एक ओर मछली पालन, एक ओर मुर्गी फार्म, एक ओर फूल और एक ओर फलदायक पौधे लगाए जाएंगेे। उन्होंने कहा कि कुछ भूमि पर जैविक चारा भी उगाया जाएगा।
करनाल. एनडीआरआईमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट करते निदेशक डाॅ. एके श्रीवास्तव।
करनाल. एनडीआरआईसभागार में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित वैज्ञानिक।
करनाल. मंत्रीराधा मोहन सिंह को किसान महिलाओं ने सम्मानित किया। मंत्री ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया।