करनाल| डिपो बेड़े में अगले दो माह में करीब 40 नई बसें शामिल हो जाएंगी। डिपो प्रशासन ने नई बसों के लिए चंडीगढ़ हेड क्वार्टर में नई बसों के लिए प्रपोजल बनाकर भेजा है। जल्द ही प्रपोजल के हिसाब से नई बसें शामिल होनी शुरू हो जाएंगी। डिपो बेडे में नई बसें आने से यात्रियों को पहले से बेहतर यातायात सुविधाएं मिलेंगी। डिपो प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि नई बसों के लिए प्रपोजल बनाकर भेजा गया है। प्रपोजल के पास होते ही डिपो की नई बसों की खेप मिलनी आरंभ हो जाएगी। नई बसों को लंबे रूटों के अलावा लोकल रूटों पर भी चलाया जाएगा। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी ज्यादा से ज्यादा बस सुविधा मिल सके। नई बस उन सभी क्षेत्रों में चलाई जाएगी। जहां पर उनकी आवश्यकता होगी।
पुरानीबसों से यात्रियों को मिलेगी निजात :डिपोको इस माह चार नई बसें मिलेंगी। जबकि चार ही बस कंडम हो जाएंगी। नई बस आने से यात्रियों को यातायात सुविधा में कोई खास असर नहीं पड़ेगा। बसों की संख्या जितनी थी, उतनी ही रहेंगी। लेकिन जिन रूटों पर नई बस लगाई जाएंगी। पुरानी बसों की तरह बार-बार खराब होने की समस्या से निजात मिलेंगी। जुलाई माह में करीब 18 बसें कंडम घोषित की गई थी। लेकिन उसी हिसाब से डिपो को नई बसें नहीं मिली। इस कारण बसों की संख्या 202 से घटकर 183 रह गई थी। इन बसों की कमी को वर्तमान में चल रही बसों के अतिरिक्त चक्कर लगवाकर पूरी की जा रही है। ताकि यात्रियों को यात्रा को लेकर कोई परेशानी हो।
फिलहाल ये है स्थिति : जिले में डिपो की करीब 183 बसें लगभग 55 से 60 हजार किलोमीटर का सफर तय करके लगभग 15 लाख रुपए का राजस्व एकत्रित करती है। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को यातायात की बेहतर सुविधा मिलेंगी। साथ ही डिपो का राजस्व भी बढ़ेगा। जो जिलेवासियों के लिए ही फायदेमंद होगा। क्योंकि जिस डिपो की ज्यादा राजस्व मिलता है। उसी हिसाब से उसे बसों का वितरण किया जाता है।
240 का है नार्म : जनसंख्याके हिसाब डिपो का नार्म 240 बस का निश्चित किया हुआ है। लेकिन पिछले कई सालों से डिपो का नार्म पूरा करने के लिए काफी कोशिश की जा रही है। नार्म को पूरा करने के लिए ही डिपो के बेडे में चालीस नई बसों को शामिल करने का प्रपोजल भेजा हुआ है। इस समय डिपो के बेड़े में 183 बस सड़कों पर दौड़ रही हैं। इनमें से काफी बसें लंबे रूटों पर लगी हुई हैं। जबकि दी परिवहन सेवा समिति की करीब 68 बसें ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था संभाले हुए हैं। लेकिन ये बसें ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर यातायात सुविधा दे पाने में सफल नहीं हो रही हैं। चूंकि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। उनके अनुरूप यातायात व्यवस्था नहीं बढ़ाई जा रही है।
''डिपो द्वारा चालीस नई बसों के लिए प्रपोजल भेजा गया है। नई बसे अगले दो माह में डिपो को मिलनी शुरू हो जाएगी। नई बसें आने से यात्रियों को पहले से बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध हो सकेंगी। डिपो प्रशासन यात्रियों को पहले से बेहतर यातायात सुविधा देने के लिए गंभीरता के साथ प्रयास कर रहा है।''- मोहनलाल, डीआई,डिपो करनाल।