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यह हैं मिलर्स की मांग

7 वर्ष पहले
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यह हैं मिलर्स की मांग

मिलर्सको मुख्य आपत्ति होल्डिंग चार्ज आदि को लेकर है। तर्क है कि होर्डिंग चार्ज के नाम पर परेशान किया जाता है। इसके अलावा नमी की मात्रा इस बार 15 फीसदी से घटाकर 14 फीसदी किए जाने पर भी ऐतराज है। मिलर्स इसे पूर्ववत 15 फीसदी किए जाने की मांग कर रहे हैं, तर्क है कि मंडियों में अधिक नमी वाला धान आता है जिसे 14 फीसदी तक सुखा पाना मुश्किल है। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि इसे 15 फीसदी नहीं किया गया तो मिलर्स धान नहीं खरीदेंगे।

करनाल. बैठकमें मिलर्स एवं डीलर्स को संबोधित करते वक्ता।

प्रदूषण बोर्ड से खफा :राइस मिलर्स एसोसिएशन हरियाणा प्रदूषण बोर्ड के रवैये से बेहद खफा है। बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बोर्ड के अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रदूषण जांच के नाम पर मोटी कमाई की जा रही है। आरोप लगाया कि जानबूझ कर फाइलें रोकी जाती हैं फिर मिलर्स से रंगदारी वसूलने का काम किया जाता है। पदाधिकारियों ने कहा यह रवैया किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बतादें कि हरियाणा में करीब 11 सौ राइस मिल हैं, जबकि करनाल में इनकी संख्या 80 है। संरक्षक आजाद सिंह राठी ने प्रदूषण बोर्ड के रवैये पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जिन्होंने सेला प्लांट लगा रखे हैं, वहां तक तो भी फिर माना जा सकता है प्रदूषण की दिक्कत है लेकिन कच्चे प्लांट वाले मिलर्स को भी तंग किया जा रहा है जहां किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है।

हरियाणा राइस मिलर्स एवं डीलर्स एसोसिएशन की मीटिंग में आए प्रदेश के मिलर्स

राइस मिलर्स की मांग, खरीदने दिया जाए 15% नमीयुक्त धान

भास्कर न्यूज| करनाल

हरियाणाराइस मिलर्स एवं डीलर्स एसोसिएशन की मीटिंग रविवार को रेलवे रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला में हुई। जिसमें प्रदेश भर से आए राइस मिलर्स ने हिस्सा लिया। बैठक में मौजूदा राइस मिलर्स की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके निराकरण की मांग की गई। मिलर्स ने धान की नमी 15 फीसदी से घटाकर 14 फीसदी करने पर ऐतराज जताया और कहा कि यदि इसे 15 फीसदी नहीं किया गया तो वे धान नहीं खरीदेंगे। पदाधिकारियों ने हुड्डा सरकार पर मिलर्स की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चुनाव में इसका बदला चुकाने की बात कही।

वहीं केंद्र सरकार स्तर की दिक्कतों का निपटारा किए जाने की मांग मोदी सरकार से की। आम सहमति से यह निर्णय लिया गय