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श्राद्ध के चलते पहले दिन किसी ने नहीं भरा नामांकन
विधानसभाचुनाव के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है लेकिन शनिवार को पहले दिन किसी भी विधानसभा क्षेत्र से एक भी उम्मीदवार पर्चा दाखिल करने नहीं आया। नामांकन कक्षों में दिन पर सन्नाटा रहा और संबंधित अधिकारी पर्चा दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की बाट जोहते रहे।
निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के मुताबिक 20 से 27 सितंबर तक नामांकन पत्र दाखिल करने का तारीखें सुनिश्चित की गई हैं। शनिवार को पहले दिन करनाल, असंध, नीलोखेड़ी, घरौंडा इंद्री करनाल के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से किसी भी उम्मीदवार से नामांकन दाखिल नहीं किया। उधर नामांकन प्रक्रिया को लेकर लघु सचिवालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। आने-जाने वालों पर विशेष निगाह रखी गई। असंध के निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी पूरा दिन प्रत्याशियों की बाट जोहते रहे। बुधवार से नवरात्र शुरू होने के साथ ही नामांकन भरने की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। इसी तरह इंद्री में रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम विजय कुमार सिद्धापा अपनी टीम के साथ कार्यालय में सुबह 11 बजे से 3 बजे तक प्रत्याशियों की बाट देखते रहे।
सावधानी बरतें : अंतर्राष्ट्रीयज्योतिष विज्ञानी वेद प्रकाश जाबाली के मुताबिक इस समय सूर्य और राहु की युक्ति कन्या राशि में है। बकौल जाबाली वैसे तो प्रत्याशी श्राद्ध के िदनों में भी अपना नामांकन कर सकते हैं। लेकिन कई ऐसे लोग भी हैं जो कि श्राद्ध के दिनों में शुभ काम नहीं करते। अब वे 25 से 27 सितंबर तक अपना नामांकन कर सकते हैं। बता दें कि 15 अक्टूबर को विधानसभा के लिए मतदान होगा, जबकि मतगणना 19 को होनी है। ज्योतिषाचार्य कमल कांत के अनुसार 25 से 27 तक नामांकन करना अपने आप में शुभ है। क्योंकि इन दिनों में नवरात्रे शुरू हो जाएंगे। इसलिए प्रत्याशियों ने अभी से मन बना लिया है कि वे नवरात्रों में ही अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए जाएंगे।
ज्योतिषाचार्यों की शरण में पहुंचने लगे प्रत्याशी
विधानसभाचुनाव को लेकर एक ओर जहां सियासी पंडित विभिन्न राजनीतिक पार्टियों की जीत-हार का समीकरण बनाने में लगे हुए हैं वहीं ज्योतिष के जानकार भी अंकों के खेल को राजनीति से जोड़ रहे हैं। ज्योतिष के इन पंडितों की माने तो राजनीति के लिहाज से यह संक्रमण का दौर है जिसमें कुछ विशेष राशि के लोगों को सियासी नुकसान उठाना पड़ सकता है।