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थ्री-व्हीलरों के चालक वसूल रहे यमुना पार कराने के पांच रुपए

7 वर्ष पहले
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(करनाल. यमुना पुल के पास बस से उतरकर थ्री-व्हीलर में बैठते यात्री।)
करनाल। हरियाणा-उत्तरप्रदेश बार्डर स्थित यमुना नदी के पुल को पार करना है तो थ्री-व्हीलर से पांच रुपए का सफर कीजिए, नहीं तो पैदल ही दूरी नापिए। दोनों ओर से करीब 42 बसों की आवाजाही बार्डर तक सीमित होकर रह गई है। वृद्ध, बच्चे महिलाएं इतनी परेशान हैं कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। अब तो यहां सात थ्री-व्हीलर भी गए हैं। रेट भी मर्जी का निर्धारित कर दिया है। पांच रुपए आने पांच रुपए जाने के लगेंगे। ऐसा नहीं कर सकते तो पैदल जाइए। क्योंकि यूपी-हरियाणा सरकार की ओर से फिलहाल किसी तरह का कदम नहीं उठाया गया है।
सीमा लांघी तो तुरंत चालान: हरियाणा की प्राइवेट बसें यदि यमुना नदी का पुल पार करने की कोशिश करती हैं तो यूपी प्रशासन की ओर से इनके तुरंत चालान काट दिए जाते हैं। ऐसे में हरियाणा की ओर से बस संचालकों ने यूपी जाने से इंकार कर दिया है। वे बार्डर पर सवारी छोड़ते हैं और वहां से सवारी लेकर करनाल की ओर चले आते हैं। यह बात सवारियों को मालूम नहीं है। जब सवारी सवाल करती है तो पूरा किस्सा कंडक्टर को सुनाना पड़ता है।

'' मैं पहले भी कह चुका हूं कि बसों के परिचालन का मसला शासन स्तर पर मसला है। रही बात अवैध परिचालन की तो अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं मिली।'' सुजीत कुमार, एआरटीओ शामली।

संबंधित विभाग जिम्मेवार : यहांपर हमारी बसें नहीं चलती। दोनों ओर की सीमा पर यात्रियों को असुविधा तो है ही। यदि वहां ऑटो या कोई अन्य प्राइवेट वाहन चल रहे हैं तो मानिटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। रविंद्रपाठक, जीएमरोडवेज करनाल।

7 थ्री-व्हीलर चालकों ने मिलकर किया फैसला: सात थ्री-व्हीलर चालकों ने मिलकर किया फैसला लिया है कि वे दोनों ओर के यात्रियों को इधर से उधर तक पहुंचाएंगे, किराया पांच रुपए होगा। थ्री-व्हीलर चालक महेंद्र का कहना था कि एक किलोमीटर की दूरी ही सही, लेकिन तेल भी लगता है। यात्री इसका विरोध नहीं कर रहे हैं। क्योंकि किसी के पास पैदल चलने का समय नहीं है। दूसरी ओर यात्री रानिवास, धर्मवीर, सतेंद्र शर्मा, राजबाला आदि ने बताया कि इस मामले में दोनों सरकारों को सोचना चाहिए, क्योंकि लोग परेशान हैं।